IIFL Wealth का दावा, ट्राइडेंट ट्रस्ट के अवैध कारोबारों के बारे में कंपनी को नहीं पता था

360 One WAM (IIFL वेल्थ) का कहना है कि कंपनी को ट्राइडेंट ट्रस्ट कंपनी (Trident Trust Co.), मॉरीशस के अवैध कारोबारों के बारे में पता नहीं था। 360 One WAM के मुताबिक, जब उसने ट्राइडेंट को अपने कुछ फंड का एडमिन नियुक्त करने के लिए समझौता किया था, तो उसे ट्राइडेंट की गतिविधियों की जानकारी नहीं थी। समझौते पर फंड के इनवेस्टमेंट मैनेजर IIFL एसेट मैनेजमेंट (मॉरीशस) ने हस्ताक्षर किए थे

अपडेटेड Aug 16, 2024 पर 3:29 PM
शेयर बाजार रेगुलेटर सेबी कुछ समय से ट्राइडेंट की जांच-पड़ताल में जुटा है।

360 One WAM (IIFL वेल्थ) का कहना है कि कंपनी को ट्राइडेंट ट्रस्ट कंपनी (Trident Trust Co.), मॉरीशस के अवैध कारोबारों के बारे में पता नहीं था। 360 One WAM के मुताबिक, जब उसने ट्राइडेंट को अपने कुछ फंड का एडमिन नियुक्त करने के लिए समझौता किया था, तो उसे ट्राइडेंट की गतिविधियों की जानकारी नहीं थी। समझौते पर फंड के इनवेस्टमेंट मैनेजर IIFL एसेट मैनेजमेंट (मॉरीशस) ने हस्ताक्षर किए थे।

समझौते के बाद के घटनाक्रम के तहत अक्टूबर 2021 में बड़े पैमाने पर पेपर लीक की घटना हुई, जिसमें कई अमीर लोगों के फंड को बाहर भेजने में मॉरीशस के फंड एडमिनिस्ट्रेटर की भूमिका का पता चला। IIFL ने बताया कि ट्राइडेंट ही मॉरीशस का एकमात्र ऐसा फंड एडमिनिस्ट्रेटर नहीं था, जिसकी सेवाओं का इस्तेमाल उसने किया। साथ ही, ट्राइडेंट को भुगतान मार्केट स्टैंडर्ड के हिसाब से किया गया।

IIFL का यह बयान ऐसे वक्त में बेहद अहम माना जा सकता है, जब शेयर बाजार रेगुलेटर सेबी (Sebi) कुछ समय से ट्राइडेंट की जांच-पड़ताल में जुटा है। अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा हाल में सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच पर हाल में जो आरोप लगाए गए हैं, उसमें एक ऐसा फंड भी शामिल है, जिसका इनवेस्टमेंट मैनेजर IIFL था, जबकि फंड एडमिनिस्ट्रेटर ट्राइडेंट था।


मॉरीशस के मार्केट रेगुलेटर फाइनेंशियल सर्विसेज कमीशन ने साफ किया है कि आईपीई प्लस फंड (IPE Plus Fund) और आईपीई प्लस फंड 1 मॉरीशस के नहीं है, जिनमें माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने 2015 में निवेश किया था। ऐसे में यह सवाल उठने लगे थे कि ट्राइडेंट-IIFL द्वारा मैनेज किए जा रहे फंडों को कहां निवेश किया गया। ट्राइडेंट ट्रस्ट के पास ऐसे दो फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (FPIs) का मालिकाना हक था, जिनकी जांच सेबी अदाणी कंपनियों में निवेश के मामले में कर रहा था।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।