Mukul Agarwal ने क्लीन वॉटर सॉल्यूशन प्रोवाइड करने वाली कंपनी में लगाया दांव, जानिए डिटेल

राइट वॉटर सॉल्यूशंस इनोवेटिव और सस्टेनेबल क्लीन वॉटर सॉल्यूशन प्रदान करता है। कंपनी का मकसद वॉटर ट्रीटमेंट, वेस्टवॉटर मैनेजमेंट, सोलर पंपिंग और IoT एप्लिकेशन में प्रोजेक्ट्स के अपने डायवर्स पोर्टफोलियो के माध्यम से सेफ ड्रिंकिंग वॉटर तक पहुंच के अंतर को खत्म करना है

अपडेटेड Feb 11, 2024 पर 2:53 PM
दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल ने हाल ही में राइट वॉटर सॉल्यूशंस में निवेश किया है।

दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल (Mukul Agarwal) ने हाल ही में राइट वॉटर सॉल्यूशंस में निवेश किया है। यह कंपनी सस्टेनेबल क्लीन वॉटर सॉल्यूशन प्रोवाइड करती है। कंपनी ने 10 फरवरी को 32.5 करोड़ रुपये जुटाकर सीरीज-बी फंडिंग राउंड का दूसरा और फाइनल पार्ट पूरा किया। SME और स्मॉल-कैप कंपनियों के लिए अपने प्रेफरेंस के लिए जाने जाने वाले गुणवंत वैद ने भी फंडिंग राउंड में भाग लिया। इससे पहले राइट वॉटर सॉल्यूशंस ने वॉटर एक्सेस एक्सेलेरेशन फंड (W2AF) से सीरीज-बी फंडिंग राउंड के पहले पार्ट में 75 लाख यूरो जुटाए थे। हालिया फंडिंग से राइट वॉटर की कुल पूंजी 100 करोड़ रुपये हो गई है।

W2AF फ्रांस में रजिस्टर्ड दुनिया का पहला ड्रिंकिंग वॉटर-फोकस्ड प्राइवेट इक्विटी फंड है। कंपनी को डैनोन, बीएनपी पारिबा, यू.एस. इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (DFC), डेनिश डेवलपमेंट फाइनेंस संस्था आईएफयू, नॉरफंड, एक्वा फॉर ऑल और यू.एस. एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट जैसे निवेशकों का समर्थन प्राप्त है। इस फंड का मैनेजमेंट इंकोफिन, बेल्जियम द्वारा किया जाता है।

राइट वॉटर सॉल्यूशंस के बारे में


राइट वॉटर सॉल्यूशंस इनोवेटिव और सस्टेनेबल क्लीन वॉटर सॉल्यूशन प्रदान करता है। कंपनी का मकसद वॉटर ट्रीटमेंट, वेस्टवॉटर मैनेजमेंट, सोलर पंपिंग और IoT एप्लिकेशन में प्रोजेक्ट्स के अपने डायवर्स पोर्टफोलियो के माध्यम से सेफ ड्रिंकिंग वॉटर तक पहुंच के अंतर को खत्म करना है।

पूंजी जुटाने का लक्ष्य सस्टेनेबल ड्रिंकिंग वॉटर सॉल्यूशन लाते हुए अपनी पहुंच और प्रभाव का विस्तार करना है। राइट वाटर्स भारत के ग्रामीण क्षेत्रों पर फोकस करते हुए पानी की कमी और गुणवत्ता की चुनौतियों से निपटने के लिए कमर कस रहा है। कंपनी का मकसद "ट्रांसफॉर्मिंग भारत" में योगदान देना है।

सोशली रिस्पॉन्सिबल इनवेस्टिंग

कुछ निवेशकों का मानना है कि आगे चलकर पानी की कमी एक बड़ी समस्या बनने जा रही है जिसका कोई सॉल्यूशन नहीं है। इस समस्या से बड़े सेक्टोरल अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है क्योंकि संभावना है कि अगले बड़े सुधार का लक्ष्य "स्मार्ट वॉटर सॉल्यूशंस" होगा। इस क्षेत्र में बहुत कम कंपनियां काम कर रही हैं। ऐसी कंपनियों में निवेश करना फायदेमंद हो सकता है क्योंकि यह सोशली रिस्पॉन्सिबल इनवेस्टिंग (SRI) या इंपैक्ट इनवेस्टिंग का एक उदाहरण है।

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