FMCG Sector : एफएमसीजी सेक्टर की लीडिंग कंपनियों का कहना है कि आने वाले समय में इस सेक्टर में कंज्यूमर डिमांड में सुधार होगी। उन्होंने मौजूदा वित्त वर्ष में मैक्रो-इंडिकेटर्स और अच्छे मानसून व रबी फसलों को लेकर सुधार की उम्मीद जताई है। मार्च तिमाही में कमजोर ऑपरेटिंग कंडीशन के बीच FMCG की कंज्यूमर डिमांड सुस्त रही। इंडस्ट्री को जनवरी-मार्च की अवधि में वैल्यू/वॉल्यूम में मिड से हाई सिंगल-डिजिट ग्रोथ की उम्मीद है। साथ ही इनपुट कॉस्ट में गिरावट से ग्रॉस मार्जिन विस्तार की ट्रेंड जारी रहेगी।
ग्रामीण मांग में जनवरी-मार्च में सुधार
पिछली कुछ तिमाहियों में सुस्त चल रही ग्रामीण मांग ने जनवरी-मार्च से गति पकड़ी है, और कुछ एफएमसीजी कंपनियों ने शहरी बाजार के साथ अंतर कम होने की जानकारी दी है। ग्रामीण भारत देश में FMCG बिक्री में लगभग 35 से 38 फीसदी का योगदान देता है
डाबर, मैरिको और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसी प्रमुख लिस्टेड एफएमसीजी कंपनियों ने अपने तिमाही अपडेट में कहा कि मार्जिन के और विस्तार से कंपनियां अपने ब्रांडों पर विज्ञापन और प्रचार का खर्च बढ़ा सकेंगी। मैरिको ने कहा, "हम सालाना आधार पर मजबूत ग्रॉस मार्जिन विस्तार की उम्मीद करते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "हम ऑपरेटिंग मार्जिन में हेल्दी एक्सपेंशन के कारण लो डबल डिजिट ऑपरेटिंग प्रॉफिट ग्रोथ की उम्मीद करते हैं।"
मार्च तिमाही में Marico - जो सफोला, पैराशूट और लिवॉन जैसे पॉपुलर ब्रांडों का मालिक है, ने अधिकांश पोर्टफोलियो में स्थिर रुझान के कारण अपने घरेलू कारोबार में तिमाही आधार पर वॉल्यूम ग्रोथ में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की। मैरिको ने कहा, "तिमाही के दौरान FMCG डिमांड सेंटीमेंट पिछली तिमाहियों की तुलना में लगातार बनी रही और शहरी और ग्रामीण कंजप्शन के रुझान काफी हद तक एक जैसे रहे।" कंपनी को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में घरेलू रेवेन्यू ग्रोथ की तुलना में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ग्रोथ में बढ़ोतरी होगी।
Godrej Consumer Products ने क्या कहा?
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने कहा कि भारत में ऑपरेटिंग कंडीशन अभी भी कमजोर बनी हुई है। गोदरेज ग्रुप की एफएमसीजी आर्म ने कहा, "हमारे इंडिया ऑर्गेनिक बिजनेस ने होम केयर और पर्सनल केयर दोनों में ब्रॉड बेस्ड पर विकास के साथ हाई-सिंगल-डिजिट पर मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ देना जारी रखा है।"
डाबर इंडिया ने कहा कि तिमाही के दौरान डिमांड ट्रेंड "सुस्त" रहा। इसमें कहा गया है, "ग्रामीण विकास में तेजी आई है, मुख्य वस्तुओं की कीमतों में कमी आई है, जिससे ग्रामीण और शहरी के बीच अंतर कम हो गया है।" हालांकि कंपनी ने कहा, "रबी फसल की कटाई के लिए पॉजिटिव आउटलुक और मानसून सामान्य रहने के पूर्वानुमान के साथ" आने वाले महीनों में खपत बढ़ने की उम्मीद है।