Get App

ग्लोबल कंपनियों के लिए अब Insourcing का हब बना रहा इंडिया, GCC में एप्लॉयीज की संख्या 45 लाख पहुंच जाने की उम्मीद

पिछले तीन महीनों में Jp Morgan Chase, Citi, Llyods Banking Group, Natwest और Deutshce Bank ने इंडिया में अपने ऑफिसेज शुरू किए हैं या उन्होंने यहां अपने एंप्लॉयीज की संख्या बढ़ाने के ऐलान किए हैं। जेप मॉर्गन चेज ने पिछले हफ्ते मुंबई और बेंगलुरु में अपने ऑफिसेज शुरू करने का एलान किया

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 19, 2023 पर 11:45 AM
ग्लोबल कंपनियों के लिए अब Insourcing का हब बना रहा इंडिया, GCC में एप्लॉयीज की संख्या 45 लाख पहुंच जाने की उम्मीद
Nasscom की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिया में अभी 1,580 से ज्यादा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) हैं। इनमें 16 लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं। नैस्कॉम को 2026-27 तक इंडिया में जीसीसी की संख्या बढ़कर 2,000 तक पहुंच जाने की उम्मीद है।

इनसोर्सिंग (Insourcing) का ट्रेंड बढ़ रहा है। कंपनियां इंडिया में ऑफिसेज शुरू कर रही हैं या उनकी संख्या बढ़ा रही हैं। यह पहले के ट्रेंड से अलग है, जब कंपनियां इंडिया में अपने बैक ऑफिसेज बनाना चाहती थीं। पिछले तीन महीनों में Jp Morgan Chase, Citi, Llyods Banking Group, Natwest और Deutshce Bank ने इंडिया में अपने ऑफिसेज शुरू किए हैं या उन्होंने यहां अपने एंप्लॉयीज की संख्या बढ़ाने के ऐलान किए हैं। जेप मॉर्गन चेज ने पिछले हफ्ते मुंबई और बेंगलुरु में अपने ऑफिसेज शुरू करने का एलान किया। उसने इस बारे में एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया है कि इंडिया में कपंनी के कॉर्पोरेट सेंटर्स इतने विकसित हो गए हैं कि वे टेक सॉल्यूशंस, बिजनेस और फाइनेंशियल सपोर्ट दे सकते हैं।

GCC की संख्या 2000 तक पहुंच जाने की उम्मीद

Nasscom की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिया में अभी 1,580 से ज्यादा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) हैं। इनमें 16 लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं। नैस्कॉम को 2026-27 तक इंडिया में जीसीसी की संख्या बढ़कर 2,000 तक पहुंच जाने की उम्मीद है। EY और Boston Consulting Group (BCG) दोनों का अनुमान है कि 2030 तक GCC में काम करने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 45 लाख तक पहुंच जाएगी।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें