जापान की दिग्गज फाइनेंशियल कंपनी Mizuho ने Yes Bank में हिस्सेदारी हासिल करने की दौड़ से हटने का फैसला किया है। Mizuho के इस फैसले के बाद अब इस प्राइवेट बैंक को खरीदने की होड़ में दो ही दावेदार हैं। द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अब इस रेस में सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन (SMBC) और एमिरेट्स एनबीडी बचे हैं। 73,020.67 करोड़ रुपये के मूल्य वाले यस बैंक को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बचाव के बाद चार साल से नए ओनरशिप की तलाश है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि Mizuho लीडरशिप ने हाल ही में यस बैंक को नहीं खरीदने का फैसला किया है। हालांकि, मनीकंट्रोल स्वतंत्र रूप से इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं कर सका।
Yes Bank के शेयरों में आज 7 अगस्त को 3.40 फीसदी की तेजी देखी गई और यह स्टॉक BSE पर 24.05 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। पिछले एक साल में कंपनी के शेयरों में 42 फीसदी की तेजी आई है।
यस बैंक के प्रवक्ता ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और SMBC ने भी कोई बयान नहीं दिया। इसके अलावा, Mizuho के भारत स्थित ऑफिस और अमीरात एनबीडी के अबू धाबी ऑफिस के रिप्रेजेंटेटिव ने भी इससे जुड़े सवालों का जवाब नहीं दिया।
Mizuho की भारत के छठे सबसे बड़े प्राइवेट बैंक यस बैंक में बिना किसी बोर्ड प्रतिनिधित्व के 20-24 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने में दिलचस्पी थी। वह बैंक में अतिरिक्त 26% हिस्सेदारी खरीदने के लिए ओपन ऑफर शुरू करने की बाध्यता से भी बचना चाहता था।
जापान के सबसे बड़े फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन बैंक ऑफ टोक्यो-मित्सुबिशी UFJ (MUFG) और एचडीएफसी बैंक के बीच एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज में करीब 2 अरब डॉलर के निवेश के लिए बातचीत अटकी हुई है।
एचडीएफसी बैंक में MUFG का निवेश, जिसे भारत के फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में सबसे बड़े FDI में से एक माना जा रहा था, आगे नहीं बढ़ पाया है। इसकी वजह आंशिक रूप से एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज का आगामी आईपीओ है। MUFG से यस बैंक के बारे में भी संपर्क किया गया था, लेकिन शुरुआती चर्चा के बाद उसने आगे नहीं बढ़ने का फैसला किया।