इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाने वाली कंपनी ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) ने FY23 में 2,782 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है। कंपनी के रेवेन्यू में सालाना आधार पर 510 फीसदी का उछाल आया है। हालांकि, खर्चों में बढ़ोतरी के कारण कंपनी का नेट लॉस बढ़कर 1,472 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी के ऑडिटर द्वारा बैंकरों और निवेशकों के साथ साझा किए गए फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में यह जानकारी दी गई है।
1,318 करोड़ का Ebitda लॉस
Ola Electric ने FY23 में 1,318 करोड़ रुपये का Ebitda लॉस दर्ज किया। FY23 में इसका कुल खर्च बढ़कर 3,383 करोड़ रुपये हो गया, जबकि FY22 में यह 1,240 करोड़ रुपये था। कंपनी ने निवेशकों और बैंकरों को लिखे एक नोट में कहा कि वह FY25 में 803 करोड़ रुपये की Ebitda प्रॉफिटेबिलिटी का लक्ष्य रख रही है। कंपनी ने यह भी कहा है कि FY24 में उसका Ebitda लॉस कम होकर 950 करोड़ रुपये हो जाएगा। कंपनी ने FY24 में 4,655 करोड़ रुपये के रेवेन्यू का अनुमान लगाया है।
ओला FY24 में अपनी बिक्री 3 लाख और FY25 तक 9 लाख तक पहुंचने का अनुमान लगा रही है। FY23 में ओला ने 1.5 लाख यूनिट ईवी बेची है। ओला ने कहा, "कंपनी की योजना FY25 तक EBITDA प्रॉफिटेबिलिटी 6.6 फीसदी हासिल करने की है। ओला मुनाफे तक पहुंचने वाली सबसे तेज ईवी कंपनियों में से एक होगी।"
जल्द लॉन्च होगा कंपनी का IPO
कंपनी के लिए यह एक अहम समय है क्योंकि वह जनवरी 2024 की शुरुआत तक आईपीओ के जरिए पब्लिक होने की योजना बना रही है। आईपीओ से पहले ओला इलेक्ट्रिक एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी में कनवर्ट हो गई है। मनीकंट्रोल ने सबसे पहले रिपोर्ट दी थी कि ओला इलेक्ट्रिक ने आईपीओ के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल और गोल्डमैन सैक्स को शामिल किया है।
एक मीडिया बातचीत में कंपनी के CEO भाविश अग्रवाल ने कहा कि FY23 का फाइनेंशियल एक पॉजिटिव सरप्राइज होगा। उन्होंने आगे कहा, "FY22 हमारे लिए एक इनवेस्टमेंट ईयर था। हमने अपनी बिक्री जनवरी 2022 में ही शुरू की थी और FY23 हमारे लिए एक बहुत मजबूत रेवेन्यू ईयर रहा है और लाभ में काफी सुधार हुआ है। इस वर्ष हम पहले से अनुमान साझा नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन यह आंकड़ों के अनुसार निश्चित रूप से पॉजिटिव सरप्राइज होगा।"
FY22 में ओला इलेक्ट्रिक का घाटा लगभग 293 फीसदी बढ़कर 784 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल 199 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इसका खर्च बढ़कर 1,240 करोड़ रुपये हो गया था। कंपनी का खर्च सालाना लगभग 306 प्रतिशत बढ़ गया है।
फर्म ने FY22 में 373 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष में दर्ज रेवेन्यू 0.86 करोड़ रुपये के मुकाबले सालाना लगभग 400 गुना अधिक है। इसने दिसंबर 2021 के दौरान अपने टू-व्हीलर की बिक्री शुरू की थी।