Online Gaming: चुनाव के बाद जीएसटी काउंसिल से गेमिंग इंडस्ट्री को कोई राहत मिलने की संभावना नहीं है। यह जानकारी एक सरकारी अधिकारी ने दी है। बता दें कि गेम्सक्राफ्ट, डेल्टा कॉर्प और अन्य ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से 71 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। ये नोटिस वित्त वर्ष 2022-23 और 2023-24 के दौरान 1.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी से जुड़े हैं। नई सरकार के गठन के बाद जून में होने वाली अगली जीएसटी काउंसिल की बैठक में भी सेक्टर को कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। यह कहना है एक सीनियर सरकारी अधिकारी का।
28 फीसदी GST में बदलाव की संभावना नहीं
अधिकारी ने मनीकंट्रोल को बताया कि रिव्यू में ऑनलाइन गेमिंग बेट्स के फेस वैल्यू पर 28 फीसदी जीएसटी में किसी भी बदलाव की संभावना नहीं है। बता दें कि 1 अक्टूबर 2023 को ऑनलाइन गेमिंग पर 28 परसेंट जीएसटी लागू हुआ था। अधिकारी ने मनीकंट्रोल को बताया, "नई सरकार आने के बाद जून के अंत में जीएसटी काउंसिंल की बैठक होगी। यह 1 अक्टूबर (2023) से ऑनलाइन गेमिंग रेवेन्यू की समीक्षा करेगी।"
उन्होंने आगे कहा, “काउंसिल ने फेस वैल्यू पर 28 फीसदी का निर्णय लिया था, और यह जारी रहने की संभावना है क्योंकि ऑनलाइन गेमिंग से सरकार का जीएसटी रेवेन्यू पिछले छह महीनों में 5-6 गुना बढ़ गया है। टैक्स डेटा संकलित किया जाएगा और काउंसिंग के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।"
क्या है गेमिंग इंडस्ट्री की मांग
1 अक्टूबर 2023 से जीएसटी काउंसिल द्वारा ऑनलाइन गेमिंग बेट्स पर जीएसटी 18 फीसदी से बढ़ाकर 28 फीसदी कर दिया गया था। इसमें 6 महीने के बाद लेवी की समीक्षा करने का वादा किया गया। काउंसिल के फैसले के बाद ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों से भारी टैक्स की मांग की गई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे पूरी इंडस्ट्री खत्म हो जाएगी। इंडस्ट्री की मांग है कि बेट्स के फेस वैल्यू के बजाय ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू (GGR) पर 28 फीसदी जीएसटी की गणना की जाए। GGR दांव पर लगाई गई राशि से जीती गई राशि के बीच का अंतर है।
करीब 5 गुना बढ़ा ऑनलाइन गेमिंग से GST
अधिकारी ने बताया कि ऑनलाइन गेमिंग पर जीएसटी काउंसिल की फिटमेंट कमेटी द्वारा चर्चा नहीं की जाएगी, बल्कि इसे समीक्षा के लिए सीधे काउंसिल के समक्ष लाया जाएगा। फिटमेंट कमेटी में केंद्र और राज्य दोनों के राजस्व अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा, “पहले ऑनलाइन गेमिंग से जीएसटी लगभग 200 करोड़ रुपये प्रति माह था। 1 अक्टूबर 2023 से यह आंकड़ा काफी हद तक बढ़कर 1,100 करोड़ रुपये प्रति माह हो गया है। ऑनलाइन गेमिंग से लास्ट रेवेन्यू असेसमेंट हरियाणा और कर्नाटक में किया गया था।" अक्टूबर-दिसंबर 2023 तिमाही में ऑनलाइन गेमिंग से जीएसटी 3,470 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछली तिमाही में एकत्र 605 करोड़ रुपये से पांच गुना अधिक है। अधिकारी ने कहा, "ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री को अन्य बिजनेस स्ट्रेटेजी के माध्यम से अपना रेवेन्यू बढ़ाने के तरीकों पर काम करना पड़ सकता है।"