बैंकिंग रेगुलेटर रिजर्व बैंक (RBI) अगले महीने पेटीएम पेमेंट्स बैंक (Paytm Payments Bank) का ऑपरेटिंग लाइसेंस रद्द कर सकता है। मामले से वाकिफ सूत्रों ने बताया कि यह कार्रवाई करने से पहले रिजर्व बैंक यह सुनिश्चित करना चाहता है कि इससे डिपॉजिटर्स को कोई नुकसान नहीं पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, रिजर्व बैंक 29 फरवरी के बाद यह कार्रवाई कर सकता है, जिसके बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक अपने ग्राहकों को उनके सेविंग्स खाते या पॉपुलर डिजिटल पेमेंट वॉलेट में फिर से पैसा डालने से रोक देगा।
सूत्रों ने नाम जाहिर नहीं किए जाने की शर्त पर बताया कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक द्वारा नियमों के उल्लंघन में दस्तावेजों की जांच नहीं करने का भी आरोप है। रिजर्व बैंक ने इस सिलसिले में भेजी गई ईमेल का कोई जवाब नहीं दिया। पेटीएम बैंक के एक प्रवक्ता का कहना था कि केंद्रीय बैंक का हालिया निर्देश निगरानी और कंप्लायंस प्रोसेस का हिस्सा है। प्रवक्ता के मुताबिक, बैंक ने रेगुलेटर के कंप्लायंस संबंधी निर्देशों पर काम किया है।
सूत्रों का कहना है कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक के कई ग्राहकों ने केवाईसी (KYC) दस्तावेज नहीं सौंपे थे। कई मामलों में ग्राहकों के रजिस्ट्रेशन के लिए एकमात्र पहचान दस्तावेज का इस्तेमाल किया गया है, जबकि ट्रांजैक्शन करोड़ों रुपये का था, जो रेगुलेटरी सीमाओं से काफी ज्यादा है। सूत्रों के मुताबिक, ऐसे में इन लेन-देन को लेकर मनी-लॉन्ड्रिंग संबंधी चिंताएं भी पैदा हो गईं।
रिजर्व बैंक ने 31 जनवरी को अचानक इस कार्रवाई के जरिये फाइनेंस और टेक इंडस्ट्री को हैरान कर दिया था। हालांकि, केंद्रीय बैंक इस सिलसिले में पिछले दो साल से पेटीएम पेमेंट्स बैंक को चेतावनी दे रहा था। अगर पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द किया जाता है, तो यह हाल में रिजर्व बैंक द्वारा की गई कार्रवाई से भी ज्यादा सख्त कदम माना जाएगा।