एडटेक स्टार्टअप बायजू (Byju’s) की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) के तहत आने वाली सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) ने बायजूज की जांच शुरू कर दी है। इसके तहत बायजूज की कथित फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में गड़बड़ी और गवर्नेंस संबंधी खामियों की जांच की जाएगी। हिंदू बिजनेस लाइन ने अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।
कंपनी के तीन डायरेक्टर्स ने दिया इस्तीफा
जून में कंपनी के तीन डायरेक्टर्स - पीक XV पार्टनर्स (सिकोइया कैपिटल इंडिया) के जीवी रविशंकर, प्रोसस के रसेल ड्रेसेनस्टॉक और चैन जुकरबर्ग इनिशिएटिव के विवियन वू ने बायजू बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इसके लिए फाउंडर रवीन्द्रन के साथ मतभेदों का हवाला दिया। इसके साथ ही कंपनी के ऑडिटर डेलॉयट हास्किन्स एंड सेल्स ने भी इसका साथ छोड़ दिया था। हालांकि, मनीकंट्रोल इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं करता है।
बायजू ने बोर्ड एडवाइजरी कमेटी का किया है गठन
SFIO की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई जब बायजू ने एक बोर्ड एडवाइजरी कमेटी (BAC) के गठन का फैसला किया है। यह कमेटी बायजू के लिए उचित बोर्ड स्ट्रक्चर और गवर्नेंस सिस्टम को लेकर CEO को सलाह देगी और उनका मार्गदर्शन करेगी।
बुधवार को रवींद्रन ने एक इमरजेंसी एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग में शेयरधारकों से कहा कि BAC एक वर्किंग ग्रुप के रूप में काम करेगा जिसमें इंडिपेंडेंट डायरेक्टर शामिल होंगे जिनके पास कई कॉर्पोरेट फील्ड जरूरी अनुभव होगा। इस बीच, बायजू आकाश एजुकेशनल सर्विसेज को आईपीओ के जरिए शेयर बाजार में लिस्ट करने पर विचार कर रहा है।