Baron Capital ने अपनी बुक में Swiggy की फेयर वैल्यू 34 फीसदी तक घटा दी है। इससे पहले Invesco ने स्विगी की वैल्यूएशन बीते चार महीनों में दो बार घटाई थी। इससे जनवरी में इसकी वैल्यूएशन 5.5 अरब डॉलर रह गई थी। बैरन कैपिटल अमेरिका की एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) है। इसने सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) को बताया है कि 31 दिसंबर को स्विगी में उसकी हिस्सेदारी की अनुमानित फेयर वैल्यू 5.9 करोड़ डॉलर थी। स्विगी में उसकी 0.7 फीसदी हिस्सेदारी है। इस आधार पर स्विगी की अनुमानित फेयर वैल्यू 7.3 अरब डॉलर है। बैरन कैपिटल ने पिछले साल जनवरी में स्विगी में इनवेस्ट किया था। उसने स्विगी के 11,578 शेयरों के लिए 7.68 करोड़ डॉलर चुकाया था। स्विगी ने इस बारे में कुछ बताने से इनकार कर दिया।
स्विगी से ज्यादा वैल्यूएशन जोमैटो का
बैरन कैपिटल ने स्विगी की जो अनुमानित वैल्यूएशन लगाई है उसके मुकाबले प्रतिद्वंद्वी कंपनी Zomato का मार्केट कैपिटलाइजेशन (M-cap) थोड़ा ज्यादा है। जोमैटो स्टॉक मार्केट में सूचीबद्ध है। स्विगी स्टॉक मार्केट में सूचीबद्ध नहीं है। जोमैटो पिछले साल के मध्य में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। 15 मई को इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 6.6 अरब डॉलर यानी 53,000 करोड़ रुपये से थोड़ा ज्यादा था। इस कैलकुलेशन के लिए एक डॉलर की कीमत 81 रुपये लगाई गई है। 31 दिसंबर को जोमैटो की वैल्यूएशन 6.3 अरब डॉलर थी।
ये एएमसी भी घटा चुकी हैं वैल्यूएशन
बैरन कैपिटल ऐसी अमेरिकी एएमसी की लिस्ट में शामिल हो गई है, जिन्होंने भारतीय स्टार्टअप्स की वैल्यूएशंस में कमी की हैं। दरअसल, दुनियाभर में टेक्नोलॉजी कंपनियों की वैल्यूएशन में कमी आई है। इस वजह से एएमसी भी उनमें अपने इनवेस्टमेंट की वैल्यू घटा रही हैं। Invesco और Baron Capital के अलावा Vanguard ने Ola की वैल्यूएशन घटाकर 4.8 अरब डॉलर कर दी है। ओला टैक्सी सर्विसेज उपलब्ध कराती है।
Byju's की वैल्यूएशन में सबसे ज्यादा कमी
दुनिया की सबसे बड़ी एएमसी में से एक Blackrock ने तो Byju's की फेयर वैल्यू आधी कर दी है। बायजूस दुनिया की सबसे बड़ी ऐडटेक फर्म है। Pharmeasy और Pine Labs की वैल्यूएशन में भी कमी देखने को मिली है। फार्मइजी ऑनलाइन ई-फॉर्मेसी प्लेटफॉर्म है, जबकि पाइन लैब्स एक फिनटेक प्लेटफॉर्म है।
प्राइवेट मार्केट में वैल्यूएशन घटने से चिंता
पिछले कुछ महीनों से दूसरे स्टार्टअप्स की तरह Swiggy की वैल्यूएशन काफी चर्चा में रही है। Invesco ने पहले मार्च में अपनी बुक्स में स्विगी की वैल्यूएशन घटाकर 8 अरब डॉलर की थी। बाद में उसने इसे और घटाकर 5.5 अरब डॉलर कर दी। अब बैरन कैपिटल के भी वैल्यूएशन घटा देने के बाद प्राइवेट मार्केट में इस फूडटेक कंपनी की वैल्यूएशन को लेकर चिंता हो सकती है। खासकर तब जब यह 10.7 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर फंड जुटा चुकी है।
आम तौर पर प्राइवेट मार्केट वैल्यूएशन के मामले में पब्लिक मार्केट की वैल्यूएशन के पीछे-पीछे चलता है। स्विगी के मामले में यही बात दिखती है। एक समय जोमैटो की वैल्यूएशन 15.5 अरब डॉलर से ज्यादा थी। लेकिन 2022 की शुरुआत के लेवल से यह आधी रह गई है। पिछले साल जोमैटो की वैल्यूएशन 4-7 अरब डॉलर के बीच थी। इंडस्ट्री के जानकारों के मुताबिक, निवेशक स्विगी की वैल्यूएशन करीब 6 अरब डॉलर मान रहे हैं।
मुनाफे में आने की कोशिश में स्विगी
Swiggy की शुरुआत 2014 में हुई थी। इसने फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के रूप में बिजनेस शुरू किया था। बाद में यह ग्रॉसरी और हाइबर लोकल डिलीवरी सर्विसेज में भी आ गई। इसे अपनी ग्रॉसरी डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सर्विस बिजनेस से काफी उम्मीदें हैं। दूसरे स्टार्टअप्स की तरह इसने भी 2022 की शुरुआत से खर्च में बहुत कमी की है। यह अपना मंथली खर्च 5.5-5 करोड़ डॉलर से घटाकर 2 करोड़ डॉलर करने में कामयाब रही है।