BharatPe News: फिनटेक कंपनी भारतपे के बोर्ड को अशनीर ग्रोवर ने एक लेटर भेजकर आरोप लगाया है कि कंपनी की सालाना बैठक (AGM) में उन्हें धमकाया गया था। यह बैठक 31 दिसंबर को हुई थी। BharatPe के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर का दावा है कि बैठक में कंपनी के जनरल काउंसिल ने उन्हें धमकी दी। इस बैठक में कंपनी के चेयरमैन रजनीश कुमार और दूसरे बड़े निवेशक शामिल नहीं थे। अशनीर ग्रोवर ने अपने लेटर में लिखा है कि इससे पता चलता है कि कंपनी को चलाने वाले कितनी गंभीरता से काम कर रहे हैं।
अशनीर ग्रोवर ने 3 जनवरी को यह लेटर BharatPe के बोर्ड को भेजा है। मनीकंट्रोल ने भी यह लेटर देखा है। इसमें यह भी लिखा गया है कि 315 करोड़ रुपए के 7880 इक्विटी शेयर कंपनी के 4 अहम अधिकारियों को दिया गया है। इनमें चेयरमैन रजनीश कुमार, फाउंडर शाश्वत नकरानी, कंपनी का CEO पद छोड़ने वाले सुहैल समीर और जनरल काउंसिल सुमीत सिंह शामिल हैं। ये शेयर इन अधिकारियों को ESOP (एंप्लॉयी स्टॉक ऑप्शन प्लान) के तहत दिए गए हैं।
अशनीर ग्रोवर ने अपने लेटर में लिखा है, "चेयरमैन के तौर पर सुमीत ने पक्षपातपूर्ण तरीके से यह बैठक बुलाई और मुझे धमकी दे रहे थे कि मैं तुझे मीटिंग के बाद बाहर देखता हीं। यह साफ धमकी थी। बिल्कुल इसी तरह फरवरी 2022 में रजनीश कुमार के घर पर भाविक कोलाडिया ने मुझे धमकी दी थी।"
इस लेटर के मुताबिक, BharatPe की सालाना आम बैठक जल्दी-जल्दी में बुलाई गई थी। बैठक में कंपनी की वित्तीय सेहत से जुड़े सवालों का कोई जवाब भी नहीं दिया गया था।
इसके अलावा अशनीर ग्रोवर ने अपने लेटर में यह भी लिखा है कि सालाना आम बैठक रजनीश कुमार की अनुपस्थिति में हो रही थी। इस बैठक के लिए रजनीश कुमार ने फाउंडर शाश्वत नकरानी को चेयरमैन का दायित्व सौंपा था। और नकरानी ने जनरल काउंसिल सुमीत सिंह को मीटिंग की अध्यक्षता करने की जिम्मेदारी दे दी थी।
अशनीर ग्रोवर ने यह भी आरोप लगाया है कि BharatPe ने 60 करोड़ रुपए का लोन सुहैल समीर के किसी जानपहचान वाली कंपनी या शख्स से लिया गया है। अशनीर ग्रोवर ने पूछा कि क्या इसकी ऑडिटिंग हुई है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने यह कर्ज तय समय से पहले ही चुका दिया था।
इस मामले में मनीकंट्रोल की तरफ से भेजी गई ईमेल के जवाब में BharatPe ने कहा, "कंपनी की सालाना आम बैठक 31 दिसंबर को तय नियमों के मुताबिक ही हुई थी। इस मामले में लगाए गए आरोप झूठे हैं। अशनीर ग्रोवर और उनकी पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर इस बैठक में शामिल हुई थीं और उनका इरादा प्रक्रिया को डिस्टर्ब करना था।"
BharatPe ने कहा, "तीन घंटे तक चली बैठक में अशनीर ग्रोवर ने कंपनी के उन प्रतिनिधियों और कर्मचारियों को डराने-धमकाने का प्रयास किया जो अपना काम कर रहे थे।"