संकट के दौर से गुजर रही फिनटेक कंपनी भारतपे (BharatPe) पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब फिनटेक में इस समय एक दूसरे पर आरोप लगाना आम बात हो गई है। कंपनी के को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) ने बोर्ड ऑफ डॉयरेक्टर्स के चेयरमैन रजनीश कुमार (Rajnish Kumar) और को-फाउंडर भाविक कोलाडिया (Bhavik Koladiya) पर कंपनी के गवर्नेंस के मुद्दे पर आरोप लगाए हैं। इसके बाद भारतपे ने अशनीर ग्रोवर पर पलटवार करते हुए उनके ऊपर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है और कहा है कि किसी मैनेजिंग डायरेक्टर पर इस तरह के आरोप लगाना शोभनीय नहीं है।
बता दें कि इसके पहले अशनीर ग्रोवर ने कंपनी के बोर्ड चेयरमैन रजनीश कुमार और को-फाउंडर भावुक पर उंगली उठाते हुए कहा था कि कंपनी की गर्वेनेंस रिव्यू पूरी तरह से पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर किया गया था।
अशनीर ग्रोवर पर पलटवार करते हुए भारत पे की तरफ से कहा गया है कि आप कंपनी के प्रबंधन और उनके पारिवारिक सदस्यों और प्रबंधन में शामिल उच्च अधिकारियों की पत्नियों पर गलत आरोप लगाते रहे हैं और उनके बारे में गलत जानकारियां भी फैलाते रहे हैं। आपकी तरफ से किया जाने वाल इस तरह का व्यवहार पूरी तरह से गलत और अशोभनीय है और कंपनी आपके व्यवहार पर कठोर आपत्ति करती है। हम आपसे अपील करते हैं कि इस तरह की गलत जानकारी फैलाना बंद करें। हम आपसे यही उम्मीद करते हैं।
इस बीच कंपनी ने यह साफ नहीं किया है कि अशनीर ग्रोवर किस जानकारी के बारे में गलत आरोप लगा रहे थे और न ही यह बताया कि मैनेजमेंट की पत्नियों के ऊपर किस तरह के आरोप लगाए हैं। हालांकि ग्रोवर ने आरोपों की झड़ी तब लगाई थी, जब SBI के पूर्व चेयरमैन रजनीश कुमार पर पक्षपाती और पूर्वाग्रह (biased and prejudiced) से ग्रसित होने का आरोप लगाया गया।
अशनीर ने एक टेलीफोन पर बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि कोलाडिया ने उन्हें फोन कर मिलने के लिए बुलाया और मीटिंग का एजेंडा नहीं बताया। कोलाडिया का जब फोन आया, उस वक्त रजनीश भी उनके साथ थे। वजह पूछने पर कोलाडिया ने उनके साथ बुरा बर्ताव किया और अपशब्दों का इस्तेमाल किया। ग्रोवर ने आगे कहा कि इस मामले में उनके पास उचित कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार है। हालांकि, रजनीश ने अशनीर के सभी आरोप को गलत बताया है। इधर कंपनी ने ग्रोवर और कोलाडिया के बीच हुई कॉल को स्वीकार किया है लेकिन ग्रोवर के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी का कहना है कि ग्रोवर और कोलाडिया के बीच कॉल पर हुई बातचीत उनकी निजी है, यह कोई आधिकारिक बातचीत नहीं है।