एजुकेशन टेक्नोलॉजी कंपनी बायजूज (Byju’s) के फाउंडर और सीईओ बायजू रवींद्रन को हुरुन इंडिया की 2023 की अमीरों की सूची में शामिल नहीं किया गया है। इनवेस्टर्स की तरफ से Byju’s की वैल्यूएशन में गिरावट का असर कंपनी के फाउंडर पर भी दिख रहा है। पिछले साल रवींद्रन की निजी संपत्ति 26 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 30,600 करोड़ रुपये थी।
360 वन वेल्थ हुरुन इंडिया की रिच लिस्ट के मुताबिक, साल 2022 में 1,000 करोड़ रुपये की निजी इस संपत्ति वाले 1,319 लोग थे, जबकि 2023 में इसमें 216 लोगों की बढ़ोतरी हुई। पिछले 5 साल में इस आंकड़े में 76 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई है। इस बीच, मुनाफे में पहुंच चुकीं दो स्टार्टअप जोहो (Zoho) और जेरोधा (Zerodha) के स्टेकहोल्डर्स को भी इस लिस्ट में जगह मिली है। जोहो मेल की प्रॉडक्ट मैनेजर राधा वेम्बु और जोहो कॉरपोरेशन में कंट्रोलिंग स्टेक के मालिक और राधा के भाई श्रीधर वेम्बु इस लिस्ट में 40वें नंबर पर हैं और उनके पास 36,000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है।
जेरोधा के नितिन कामत और निखिल कामत ने भी लिस्ट में जगह बनाई है। नितिन कामत जिनकी नेट वर्थ 35,300 करोड़ है और उनकी रैंकिंग 42वीं है, जबकि नितिन 23, 100 करोड़ की संपत्ति के साथ 81वें स्थान पर हैं। इस लिस्ट में नायका (Nykaa) की फाल्गुनी नायर भी शामिल हैं, जिनकी कुल संपत्ति 22,500 करोड़ रुपये है। इस लिस्ट में सबसे युवा चेहरा जेप्टो (Zepto) के को-फाउंडर कैवल्य वोहरा हैं, जिनकी उम्र सिर्फ 20 साल है। तकरीबन 10 साल पहले इस लिस्ट में सबसे कम उम्र वाला शख्स 37 साल का था। उम्र का यह फासला स्टार्टअप क्रांति के असर की तरफ इशारा करता है।
हुरुन इंडिया के एमडी और चीफ रिसर्चर अनस रहमान जुनैद के मुताबिक, हालांकि इस बार फंडिंग की कमी की वजह से इस लिस्ट में शामिल स्टार्टअप फाउंडर्स की कुल संपत्ति में 85,000 करोड़ रुपये की गिरावट देखने को मिली है। इस लिस्ट में शामिल भारतीय उद्यमियों की औसत आयु 41 साल है और उनकी कुल संपत्ति 423,600 करोड़ रुपये है। इनमें से 59 उद्यमी 33 से भी ज्यादा भारतीय यूनिकॉर्न के फाउंडर हैं।