एजुकेशन-टेक्नोलॉजी स्टार्टअप बायजूज (Byju's) की को-फाउंडर दिव्या गोकुलनाथ (Divya Gokulnath) ने अपने पति रवींद्रन के पुराने दिनों के संघर्ष को याद किया है। उन्होंने कहा कि उनके पति और कंपनी के CEO बायजू रवींद्रन (Byju Raveendran) हर हफ्ते 9 शहरों की यात्रा करते थे और खचाखच भरे स्टेडियम में स्टूडेंट्स को मैथ पढ़ाते थे। गोकुलनाथ ने एक महीना पहले इससे जुड़ा एक वीडियो भी लिंक्डइन पर शेयर किया था।
साल 2007 में कंपनी के शुरुआती दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया, 'किराए के एक कमरे और 40 बच्चों के साथ हमने भारत में एजुकेशन सिस्टम को बदलने वाली इस यात्रा की शुरुआत की थी। हालांकि, हमारा कॉन्टेंट और पढ़ाने का तरीका अनोखा था, लिहाजा स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ती गई और हमें बड़े ऑडिटोरियम में शिफ्ट होना पड़ा।'
उन्होंने कहा, 'बायजू रवींद्रन क्लास लेने के लिए हर हफ्ते 9 शहरों की यात्रा करते थे। वह हफ्ते में सभी दिन क्लास लेते थे।' गोकुलनाथ के मुताबिक, क्लास में स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ने पर स्टेडियम में पढ़ाने की व्यवस्था की गई। उन्होंने बताया, 'हमने स्टेडियम किराए पर लिया। इसमें स्टूडेंट्स खचाखच भरे होते थे। बायजू छह स्क्रीन के बीच में खड़े होकर मैथ की क्लास लेते थे। बच्चे शांति से उन्हें सुनते थे।'
गोकुलनाथ ने इन सेशंस को 'मैथ कॉन्सर्ट' बताते हुए कहा कि उनके पति ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में भी क्लास लिया और 25,000 स्टूडेंट्स के साथ इसे 'दुनिया का सबसे बड़ा क्लासरूम' बना दिया। उनका कहना था, 'किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि यह संभव होगा।'
कंपनी पिछले कुछ समय से मुश्किल दौर से गुजर रही है। कंपनी के बोर्ड के कुछ सदस्यों और ऑडिटर ने इस्तीफा दे दिया था। खबरें यह भी हैं कि इन विवादों से कंपनी का बचाव करते समय रवींद्रन भावुक हो गए थे। कंपनी ने बेंगलुरु का अपना सबसे बड़ा ऑफिस स्पेस भी खाली कर दिया है और खर्च में कटौती के लिए अन्य उपाय भी किए हैं। Byju’s ने जून में अपने एंप्लॉयीज का पीएफ नहीं जमा किया था, जिस पर एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) ने भी कंपनी को आगाह किया था। कंपनी ने पिछले महीने 1,000 से ज्यादा स्टाफ की छंटनी भी की है।