Byju’s की मुश्किलें खत्म नहीं हो रहीं, रेवेन्यू कैलकुलेशन के तरीकों की होगी जांच

बायजूज अपने लेंडर्स को मंथली बिजनेस अपडेट मुहैया नहीं करा पा रहा है। फिस्कल ईयर 2020-21 के ऑडिट में देरी हुई है। इस वजह से फिस्कल ईयर 2021-22 का ऑडिट भी नहीं हो पाया है

अपडेटेड Jul 03, 2023 पर 3:37 PM
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अब कंपनी के इनवेस्टर्स और एडवाइजर्स की नजर इसके रेवेन्यू रिकॉगनिशन प्रैक्टिस पर है

दुनिया की सबसे वैल्यूएबल एडटेक कंपनी Byju’s की मुश्किलें पिछले कुछ महीनों से खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। इस मामले की जानकारी रखने वाले एक शख्स ने बताया कि अब कंपनी के इनवेस्टर्स और एडवाइजर्स की नजर इसके रेवेन्यू रिकॉगनिशन प्रैक्टिस पर है। इनवेस्टर्स और एडवाइजर्स खास तौर पर यह जानना चाहते हैं कि बायजूज के रेवेन्यू का कैलकुलेशन किस तरह हो रहा है। रेवेन्यू में किस तरह डिस्काउंट्स और कैंसिलेशन को दिखाया जा रहा है। साथ सब्सक्रिप्शन से होने वाली आमदनी और हार्डवेयर से होने वाली आमदनी (अगर लागू होती है) का अनुपात क्या है।

नाम जाहिर ना करने की शर्त पर एडटेक के एक फाउंडर ने बताया, "बायजूज अपने लेंडर्स को मंथली बिजनेस अपडेट मुहैया नहीं करा पा रहा है। फिस्कल ईयर 2020-21 के ऑडिट में देरी हुई है। इस वजह से फिस्कल ईयर 2021-22 का ऑडिट भी नहीं हो पाया है। बायजूज बेहद आक्रामक ढंग से अपने रेवेन्यू का कैलकुलेशन कर रही है और यह बिना इक्विटी बेचे फंड जुटाने के लिए किया जा रहा है।"

कंपनी के एक फाउंडर ने बताया, "तो ऐसा लग रहा है कि ज्यादातर समस्या कंपनी के रेवेन्यू कैलकुलेशन को लेकर है। मुझसे एकबार मेरे एक निवेशक जो बायजूज के भी निवेशक हैं, मुझसे पूछा था कि कंपनी रेवेन्यू का कैलकुलेशन किस तरह करती है। और कैसे हम फंडिंग के लिए रेवेन्यू इतना ज्यादा दिखा पा रहे थे।"


सितंबर 2022 में बायजूज ने फिस्कल ईयर 2020-21 के नतीजे जारी किए थे। ये नतीजे 18 महीनों की देरी के बाद जारी किए गए थे। इस दौरान पता चला कि बायजूज की आमदनी में मामूली गिरावट आई है। यह कई निवेशकों को हैरान करने वाला था। क्योंकि फिस्कल ईयर 2020-21 ऐसा साल था जिसमें कोविड महामारी के कारण ऑफलाइन पढ़ाई लगभग पूरी तरह बंद था।

उस वक्त Byju's के को-फाउंडर और CEO बायजू रवींद्रन ने मनीकंट्रोल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि कंपनी को फिस्कल ईयर 2020-21 की 40 फीसदी आमदनी बाद के सालों के लिए टालना पड़ा था। यह फैसला तब की ऑडिटर कंपनी डेलॉयट की सलाह पर किया गया था।

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