4B Networks के फाउंडर राहुल यादव की मुश्किलें बढ़ीं, आर्बिट्रेशन के साथ-साथ FIR भी दर्ज

यादव की कंपनी का Info Edge के साथ पहले से ही आर्बिट्रेशन चल रहा था, जबकि अब 4बी नेटवर्क्स और यादव का को-वर्किंग कंपनी Innov8 के साथ भी आर्बिट्रेशन शुरू हो गया है। आर्बिट्रेशन के अलावा, यादव के खिलाफ एक आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया गया है। यह मुकदमा 10 करोड़ की बकाया राशि नहीं चुकाने के मामले में एक विज्ञापन एजेंसी द्वारा दर्ज किया गया है

अपडेटेड Aug 25, 2023 पर 8:02 PM
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एफआईआर दर्ज होने के बाद मुंबई पुलिस यादव से दो बार पूछताछ कर चुकी है।

आंत्रप्रेन्योर राहुल यादव के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल, उनकी कंपनी 4बी नेटवर्क्स (4B Networks) को लेकर समस्याएं बढ़ गई हैं। इस कंपनी पर आर्बिट्रेशन के दो मामले हैं, जबकि यादव पर आपराधिक मुकदमा भी दर्ज हो चुका है। यादव की कंपनी का इंफो एज (Info Edge) के साथ पहले से ही आर्बिट्रेशन चल रहा था, जबकि अब 4बी नेटवर्क्स और यादव का को-वर्किंग कंपनी Innov8 के साथ भी आर्बिट्रेशन शुरू हो गया है। आर्बिट्रेशन का मामला दिल्ली हाई कोर्ट की अगुवाई में चल रहा है।

सूत्रों ने बताया कि 4बी नेटवर्क्स ने मुंबई में Innov8 से ऑफिस किराए पर लिया था, लेकिन किराए के तौर पर 1.08 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया। साथ ही, कंपनी नोटिस दिए बिना ऑफिस छोड़कर चली गई। मामले से वाकिफ एक शख्स ने बताया कि चूंकि दोनों पक्षों के बीच समझौते में आर्बिट्रेशन का प्रावधान था, लिहाजा आपराधिक मुकदमा दायर करने से Innov8 को तय प्रक्रिया पूरी करनी पड़ रही है।

ऊपर कोट किए गए सूत्र ने बताया कि मामले को सुलझाने की कोशिश नाकाम होने के बाद Innov8 ने आर्बिट्रेशन और कॉन्सिलेशन एक्ट के सेक्शन 11 के तहत मामला दर्ज किया है। इस सिलसिले में यादव को भेजी गई कॉल और ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला। तीन सेशन बीत जाने के बावजूद इस मामले में अब तक आर्बिट्रेटर को नियुक्त नहीं किया गया है। अगली कार्यवाही 28 अगस्त को होगी।


4बी नेटवर्क्स से जुड़े एक और आर्बिट्रेशन मामले में भी प्रगति नहीं हुई है। यादव का फिलहाल अपनी स्टार्टअप के इनवेस्टर इंफो एज (Info Edge) के साथ आर्बिट्रेशन का मामला चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यादव ने आर्बिट्रेशन केस को समझने के लिए और वक्त मांगा है, ताकि मौजूदा गतिरोध का समाधान निकाला जा सके।

इंफो एज का कहना है कि उसने यादव की स्टार्टअप में 288 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस सिलसिले में फॉरेंसिक ऑडिट की शुरुआत हुई थी, , लेकिन यादव ने डेलॉयट (Deloitte) यह प्रक्रिया पूरी नहीं करने दी। इसके बाद, इंफो एज ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और दोनों कंपनियों को आर्बिट्रेशन में जाना पड़ा।

आर्बिट्रेशन के अलावा, यादव के खिलाफ एक आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया गया है। यह मुकदमा 10 करोड़ की बकाया राशि नहीं चुकाने के मामले में एक विज्ञापन एजेंसी द्वारा दर्ज किया गया है। इस सिलसिले में एफआईआर (FIR) दर्ज होने के बाद मुंबई पुलिस यादव से दो बार पूछताछ कर चुकी है। सूत्रों ने यह भी बताया कि आर्थिक अपराध शाखा ने पिछले हफ्ते यादव के घर पर भी तलाशी अभियान चलाया था।

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