बायजूज (Byju's) के स्वामित्व वाले आकाश एजुकेशनल सर्विसेज (Aakash Educational Services) में मणिपाल ग्रुप के चेयरमैन रंजन पई (Ranjan Pai) निवेश कर सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो वह तमाम चुनौतियों का सामना कर रही एडटेक स्टार्टअप बायूजज के लिए एक संकटमोचक के तौर पर उभर सकते हैं। फिलहाल दोनों के बीच बातचीत शुरुआती स्तर पर है। रंजन पई, बायजूज के शुरुआती निवेशकों में से एक थे। अगर बातचीत सफल रही तो, यह डॉक्टर रंजन पई का बायजूज में दूसरी बार निवेश होगा। इस मामले से वाकिफ लोगों ने बताया कि बायजू रवीन्द्रन (Byju Raveendran) के पास आकाश में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है और वह अपनी हिस्सेदारी को आंशिक रूप से 80-90 मिलियन डॉलर (करीब 740 करोड़ रुपये) में रंजन पई को बेच सकते हैं।
रवींद्रन इन पैसों का इस्तेमाल अमेरिकी इनवेस्टमेंट कंपनी 'डेविडसन केम्पनर' को 800 करोड़ रुपये चुकाने में करेंगे। दरअसल बायजूज ने मई में इस फर्म से जुटाए लोन पर तकनीकी चूक किया था। इसके अलावा वह आकाश के गिरवी रखे शेयरों को भी छुड़ाने की कोशिश करेंगे। इन शेयरों को उन्होंने डेविडसन केम्पनर से लिए लोन के बदले गिरवी रखा था।
रंजन पई ने पहली बार बायजूस में एरियन कैपिटल के जरिए निवेश किया था। हालांकि वह इस बार उनके फैमिली ऑफिस की ओर से निवेश किए जाने की उम्मीद है। सूत्रों का कहना है कि बायजूज इसके अलावा अपने फंडिंग राउंड में आकाश के लिए 20 करोड़ डॉलर (करीब 1,600 करोड़ रुपये) की अतिरिक्त फंडिंग की मांग कर रही है और इस राउंड में कई सॉवेरन वेल्थ फंड निवेश कर सकते हैं।
आकाश एजुकेशनल सर्विसेज को बायजूज ने साल 2021 में करीब 1 अरब डॉलर (करीब 8,200 करोड़ रुपये) में अधिग्रहण किया था। यह कंपनी का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला अधिग्रहण रहा है। हालांकि इस डील से जुड़ी कागजी कार्यवाही उतनी स्मूथ नहीं रही। ट्रांजैक्शन का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा नकद में होना था। जबकि बाकी 30 प्रतिशत हिस्सेदारी के बदले इसके प्रमोटरों और शेयरधारकों को बायजू में इक्विटी मिलनी थी। आकाश के इन शेयरधारकों में ब्लैकस्टोन भी शामिल है।
हालांकि सूत्रों के मुताबिक, बायजूज के शेयरों की गिरती वैल्यू का हलावा देते हुए आकाश के शेयरहोल्डर्स अब इसके शेयर लेने में आनाकानी कर रही है। मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डील के पूरा होने के बाद ब्लैकस्टोन को बायूजज में 0.7 से 1 फीसदी अतिरिक्त हिस्सेदारी मिलनी थी, जबकि आकाश के प्रमोटरों को 1.5 से 2 फीसदी हिस्सेदारी दिया जाना था।
सूत्रों ने बताया कि पिछले 2 सालों में बायजूज के मूल्यांकन में गिरावट आई है। इसके चलते ब्लैकस्टोन और आकाश के प्रमोटर बायजू की मूल इकाई थिंक एंड लर्न के साथ अपने शेयरों की अदला-बदली करने के इच्छुक नहीं हैं।