पेटीएम (Paytm) की खराब लिस्टिंग के करीब दो महीने हो चुके हैं। हालांकि कंपनी के शुरुआती निवेशकों में से एक मुकुल अरोड़ा (Mukul Arora) का भरोसा अभी भी इस डिजिटल पेमेंट स्टार्टअप पर बना हुआ है और उनका कहना है कि उन्हें इस बात में कोई संदेह नहीं है कि पेटीएम आगे चलकर 'एक बहुत बहुत ज्यादा मूल्यवान कंपनी' बनने वाली है। शुरुआती निवेशक का यह बयान ऐसे समय में है, जब कई अन्य निवेशक पेटीएम को लेकर अपना उत्साह खो रहे हैं।
मुकुल अरोड़ा वेंचर फर्म एलिवेशन कैपिटल (Elevation Capital) के को-मैनेजिंग पार्टनर हैं। मुकुल अभी भी मानते हैं कि पेटीएम के फाउंडर और CEO विजय शेखर शर्मा (Vijay Sekhar Sharma) कंपनी की अगुआई करने के लिए सबसे सही व्यक्ति हैं। हालांकि इसी समय कुछ दूसरे निवेशक कंपनी के बिजनेस मॉडल पर सवाल उठा रहे हैं और राइवल कंपनियों के तेज ग्रोथ के बीच उसे उतना आकर्षक नहीं मान रहे हैं।
मुकुल ने मनीकंट्रोल से एक बातचीत में कहा, "मैं पिछले 10-11 सालों में कई कंपनियों के फाउंडरों से मिला हूं और मैं आपको बता सकता हूं विजय शेखर शर्मा भारत के अब तक के सबसे दूरदर्शी सोच वाले फाउंडर हैं। मुझे पता है कि मैं एक बहुत ही साहसिक बयान दे रहा हूं, लेकिन मुझे इस बारे में कोई संदेह नहीं है।"
पेटीएम की स्थापना सन 2,000 में टेलीकॉम कंपनियों के लिए एक वैल्यू एडेड सर्विस के तौर पर हुई। कंपनी ने करीब एक दशक तक मोबाइल पेमेंट्स पर काम किया और मोबाइल वॉलेट में विस्तार किया और अब यह पूरी तरह से एक फाइनेंशियल सर्विसेज फर्म बनने की ओर है।
मुकुल ने बताया, "यह शख्स (विजय शेखर शर्मा) 2008 में ही मार्क आंद्रेसेन (एक अमेरिकी उद्यमी) को जानता था। उन्हें यह भी पता था अमेरिका में टेक को लेकर क्या प्रगति चल रही है। मैंने 2008 में इस शख्स का इंटरव्यू सुना था और तभी से मैं इनसे प्रभावित हूं। वह एक टेक फाउंडर के तौर पर उस समय आज के जमाने की बात कर रहे थे। शायद ही किसी ने तब कल्पना की होगी कि आगे चलकर ये इतनी उपलब्धियां हासिल करने वाले हैं।"
उन्होंने कहा, "दुनिया किस क्षेत्र में आगे बढ़ रही है, कहां बड़े बदलाव हो रहे हैं, कंज्यूमर क्या चाहते हैं और एक फाउंडर और कंपनी के रूप में उन्हें क्या करना है, इस बारे में उनकी समझ - मुझे नहीं लगता कि इस मामले में कोई भी दूसरा फाउंडर उनके करीब भी आता है। साथ ही मुझे यह भी नहीं लगता कि देश में ऐसी कोई कंपनी है जो इस तरह की परिवर्तनकारी सफर से गुजरी है। इसलिए मुझे इस बात में कोई संदेह नहीं है कि पेटीएम लंबे समय में एक बहुत ही मूल्यवान कंपनी बनने जा रही है।"
बता दें कि एलिवेशन कैपिटल को पहले सैफ पार्टनर्स के नाम से जाना जाता था और यह पेटीएम का पहला निवेशक था। पेटीएम की लिस्टिंग के समय एलिवेशन कैपिटल के पास फर्म की 18.6% हिस्सेदारी थी।