Layoff in 2023 : मंदी की आशंका के बीच दुनियाभर की तमाम बड़ी-छोटी कंपनियों में छंटनी हो रही है। इस आर्थिक संकट से भारतीय स्टार्टअप कंपनियां भी अछूती नहीं है। साल 2023 का पहला महीना भारतीय स्टार्टअप कंपनियों और उनके कर्मचारियों के लिए बुरा साबित हुआ है। मनीकंट्रोल द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार नए साल के पहले तीन हफ्तों में भारत में लगभग 14 स्टार्टअप कंपनियों ने 2,100 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी की है। इस अवधि में छंटनी की संख्या पिछले साल के तीन-सप्ताह के औसत लगभग 1,060 बर्खास्तगी को पार कर गई है। स्टार्टअप कंपनियों को लंबे समय से फंडिंग की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
2023 में इन कंपनियों ने की छंटनी
Medibuddy, Swiggy और Sharechat जैसे स्टार्टअप उन कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने 2022 से 20,500 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी की है।
2022 के बाद से इन कंपनियों ने की छंटनी
2022 की शुरुआत के बाद से बड़े पैमाने पर छंटनी देखी गई। 2022 की शुरुआत के बाद से 60 से अधिक स्टार्टअप ने फंडिंग की कमी और रिस्ट्रक्चर का हवाला देते हुए बड़ी संख्या में कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया। वहीं, कुछ कंपनियों ने कर्मचारियों पर खराब प्रदर्शन का आरोप लगाते हुए उन्हें नौकरी से निकाल दिया।
इन कंपनियों ने की सबसे ज्यादा छंटनी
कुछ ऐसी स्टार्टअप कंपनियां भी रहीं, जिन्होंने 1000 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी कर दी। खास तौर पर इनमें से चार कंपनियां - लिडो लर्निंग, बायजू, अनएकेडमी, और वेदांतु एडटेक सेक्टर की ऐसी कंपनियां हैं, जिनकी पहले काफी चर्चा हुई थी। साहिल शेठ द्वारा स्थापित लीडो लर्निंग सैकड़ों कर्मचारियों, हजारों पेरेंट्स और इसके कुछ लेनदारों को अधर में छोड़ कर दिवालिया हो गई।