OpenAI के चीफ सैम अल्टमैन संभवत: 2023 में ग्लोबल टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के सबसे बड़े न्यूजमेकर बन चुके हैं। 24 जुलाई को वर्ल्डकॉइन प्रोजेक्ट लॉन्च होने के बाद वह पहले से ज्यादा चर्चा में हैं। यह एक AI का क्रिप्टो नेटवर्क है। यह 'प्रूफ ऑफ पर्सनहुड' यानी इंडिविजुअल की डिजिटल आइडेंटिटी पर आधारित है। वर्ल्डकॉइन प्रोजेक्ट का नियंत्रण (ओनरशिप) एक टेक्नोलॉजी कंपनी के पास है, जिसका नाम Tools for Humanity (TFH) है। इसकी शुरुआत अल्टमैन, एलेक्स ब्लानिया और मैक्स नोवेनडस्टर्न ने की थी।
यह ऐलान ऐसे वक्त हुआ है, जब क्रिप्टो के इनवेस्टर्स एक कोर्ट केस में Ripple की जीत का जश्न मना रहे हैं। यह मामला अमेरिका के सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) और इनवेस्टमेंट फर्म ब्लैकरॉक के खिलाफ था। ब्लैकरॉक ने अपना ब्लैकरॉक बिटकॉइन ईटीएफ लॉन्च किया है। इससे ऐसा लगता है कि क्रिप्टो की दुनिया में क्रिप्टो एक्सचेंज FTX के ध्वस्त होने के बाद से फिर से रौनक लौट रही है।
इस बीच Twitter के को-फाउंडर और बिटकॉइन के समर्थक जैक डोर्सी ने अल्टमैन के नए प्रोजेक्ट पर तंज कसा है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, "Orb के पास जाएं नहीं तो वह आपके पास आएगा... वर्ल्डकॉइन ग्लोबल स्केल के साथ तालमेल बैठाने की कोशिश है।"
क्या है वर्ल्डकॉइन क्रिप्टो प्रोजेक्ट?
वर्ल्डकॉइन प्रोजेक्ट इकोसिस्टम के तीन मुख्य तत्व हैं-वर्ल्ड आईडी, वर्ल्डकॉइन टोकन (WLD) और वर्ल्ड ऐप। वर्ल्ड आईडी यूजर का पर्सनलाइज्ड बायोमीट्रिक डिजिटल आइडेंटिटी है। कंपनी का दावा है कि इससे यूजर की प्राइवेसी बनी रहती है।
वर्ल्डकाइन टोकन एक क्रिप्टो टोकन या डिजिटल करेंसी है, जिसे शुरुआत में यूजर्स के साइन-अप करने पर उनके बीच फ्री बांटा जाएगा। यह डिफाइन करेगा कि वे यूनिक ह्यूमन हैं। करेंसी का इस्तेमाल वर्ल्ड-आईडी के लिए बनाए गए ऐप के जरिए ट्रांजेक्शन और पेमेंट के लिए किया जा सकता है। इस ऐप को वर्ल्ड ऐप कहा जाता है। यह एक डिजिटल वॉलेट भी है। यह वर्ल्डकॉइन प्रोटोकॉल के जरिए हो रहा है, जिसने OP Mainnet पर अपना माइग्रेशन पूरा किया है। यह एक स्टेबल और स्केलेबल L2 ब्लॉकचेन है जिसे इथेरियम के डेवलपर्स ने तैयार किया है।
यह माना जा रहा है कि वर्ल्डकॉइन प्रोटोकॉल का मकसद दुनिया का सबसे बड़ा, सबसे इनक्लूसिव और फाइनेंशियल यूटिलिटी तैयार करना है, जिसका मालिकाना हर हर व्यक्ति के पास होगा। टीएफएच के सीईओ और वर्ल्डकॉइन के को-फाउंडर एलेक्स ब्लानिया ने कहा, "एआई के युग में पर्सनहुड के प्रूफ पर किसी तरह की गंभीर चर्चा की गुंजाइश नहीं है। इसकी जगह अहम सवाल यह है कि क्या पर्सनहुड सॉल्यूशंस का प्रूफ जो हमारे पास है, वह प्राइवेसी फर्स्ट, डिसेंट्रलाइज्ड और मैक्सिमम इनक्लूसिव हो सकता है।"