Meta के दुनियाभर में 10,000 एंप्लॉयीज की छंटनी के दायरे में मेटा इंडिया (Meta India) की डायरेक्टर (लीगल) भी आ गई हैं। उनकी नौकरी चली गई है। मामले से जुड़े लोगों ने इस बारे में बताया। सूत्रों ने बताया है कि मेटा इंडिया की डायरेक्टर (लीगल) अमृता मुखर्जी और लीगल टीम के कुछ और लोगों की नौकरी चली गई है। मुखर्जी की लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, वह पिछले 10 महीनों से कंपनी की हिस्सा थीं। इससे पहले वह Hotstar में लीगल हेड थीं। इस बीच, मेटा इंडिया को इंडिया में एंट्रीट्रस्ट वॉचडॉग की जांच का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी पर एंटी-कॉम्पटिटिव प्रैक्टिसेज में शामिल होने का आरोप है।
पिछले हफ्ते एक एग्जिक्यूटिव के इस्तीफे की खबर आई थी
इंडिया में मेटा के यूपीआई सर्विस WhatsApp Pay के खिलाफ भी मामला चल रहा है। मेटा ने भी भारत सरकार के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है। यह मामला इंडियन गवर्नमेंट के मैसेजेज की ट्रेसेबिलिटी की मांग से जुड़ा है। इसके तहत व्हाट्सअप को अपना एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन ब्रेक करना होगा। अभी यह मामला कोर्ट में है। पिछले खबर आई थी कि फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा के इंडिया में पार्टनरशिप से जुड़े कामकाज का नेतृत्व करने वाले मनीष चोपड़ा ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कंपनी में साढ़े चार साल काम किया था।
एक साल में कंपनी छोड़ने वाले एग्जिक्यूटिव्स की संख्या पांच हुई
इसके साथ ही मेटा इंडिया में बीते एक साल में नौकरी छोड़ने वाले एग्जिक्यूटिव्स की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। नवंबर 2022 में पूर्व इंडिया हेड अजीत मोहन और पब्लिक पॉलिसी हेड राजीव अग्रवाल ने कंपनी छोड़ दी थी। तब WhatsApp India के हेड अभिजीत बोस ने भी कंपनी छोड़ी थी। उसके बाद मोहन और अग्रवाल ने क्रमश: Snap Inc और Samsung ज्वाइन किया था। बोस ने एक नए स्टार्टअप पर काम करने के प्लान के बारे में बताया था।
इन एग्जिक्यूटिव्स की नौकरी भी गई
मोहन के कंपनी छोड़ने के बाद चोपड़ा कंपनी के अंतरिम प्रमुख के रूम में काम कर रहे थे। उन्होंने दो महीने तक यह जिम्मेदारी संभाली। फिर, संध्या देवनाथा ने 1 जनवरी, 2023 को मेटा इंडिया के हेड के रूप में ज्वाइन किया था। रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा इंडिया के डायरेक्टर (मार्केटिंग) अविनाश पंत और डायरेक्टर और हेड ऑफ मीडिया पार्टनरशिप साकेत झा सौरव की नौकरी भी लेऑफ प्लान में चली गई है।
पिछले साल नवंबर में शुरू हुआ था छंटनी का दौर
मेटा में पहले दौर की छंटनी नवंबर 2022 में हुई थी, जब 11,000 एंप्लॉयीज की नौकरी चली गई थी। दूसरे दौर की छंटनी का ऐलान कंपनी ने मार्च 2023 में किया था। यह प्रोसेस मई 2023 में खत्म होगा। पिछले कुछ महीनों में मेटा ने खर्च घटाने के लिए कई बड़े उपाय किए हैं। कंपनी एंप्लॉयीज की संख्या घटाकर खुद को चुस्तदुरुस्त बनाने की कोशिश कर रही है।