डिजिटल तरीके पेमेंट करने की सुविधा देने वाले प्लेटफॉर्म PhonePe को अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंदी पेटीएम के मुकाबले ऑपरेशन से होने वाले लाभ को हासिल करने में दो साल तक का वक्त लग सकता है। हालांकि फोनपे इस साल की शुरुआत में EBITDA प्रॉफिट को हासिल कर सकता है। बता दें कि फोनपे हाल ही में भारत का सबसे मूल्यवान फिनटेक ब्रांड बना है।
फोनपे के मैनेजमेंट ने ऑडिट फर्म केपीएमजी को दी गई एक जानकारी में बताया है कि साल 2025 में PhonePe का EBITDA प्रॉफिट (इंट्रेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और उधार चुकाने से पहले की कमाई) 1,797 करोड़ रुपये का होगा। जिसका EBITDA मार्जिन 19.7 फीसदी का होगा। कंपनी मैनेजमेंट को साल 2025 मे 9,139 करोड़ रुपये के रेवेन्यू की उम्मीद है। KPMG ने नवंबर 2022 में फोनपे के लिए वैल्युएशन रिपोर्ट का मिलान किया था। जिसे की पिछले हफ्ते ही कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के पास दायर किया गया है। बता दें कि फोनपे ने जनवरी 2023 में फंड राइज भी किया है। वहीं इस साल सितंबर तक पेटीएम के ब्रेक इवन EBITDA हासिल करने की उम्मीद है।
कंपनी के रेवेन्यू में हुई है बढ़ोतरी
एमसीए के साथ फोनपे की फाइलिंग के मुताबिक साल 2022 के पहले नौ महीनों में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर 1,912 करोड़ रुपये का हो गया है। वहीं वित्त वर्ष 2022 में फोनपे ने 1,646 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया था। दिसंबर 2022 में फोनपे को 2,655 करोड़ का रेवेन्यू और 471.5 करोड़ का EBITDA लॉस हुआ था। फाइलिंग में बताया गया है कि साल 2022 के पहले नौ महीनों में फोनपे ने मार्केटिंग, रेफरल और कैशबैक पर 513 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
कंपनी ने इन जगहों पर खर्च किया है पैसा
साल 2022 के पहले नौ महीनों में फोनपे ने मार्केटिंग, रेफरल और कैशबैक पर 513 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जबकि मार्च 2022 में खत्म हुए वित्तीय वर्ष में यह आंकड़ा 866 करोड़ रुपये का था। वहीं रेवेन्यू पर्सेंटेज के तौर पर जनवरी से सितंबर 2022 में फोनपे का मार्केटिंग खर्च घटकर 26.8 फीसदी का रह गया था जो कि अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक की अवधि में 52.6 फीसदी का था।
2029 से हर साल होगा 50 फीसदी EBITDA मार्जिन
फोनपे ने केपीएमजी को यह भी बताया है कि साल 2029 से हर कंपनी को हर साल 50 फीसदी का EBITDA मार्जिन होगा। वहीं 2022 से 2047 के बीच कंपनी की CAGR ग्रोथ (कंपाउंड एनुएल ग्रोथ रेट) 22.9 फीसदी की रहेगी। फोनपे के इस आंकलन के पीछे केपीएमजी ने PhonePe पल्स रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि भारत में डिजिटल पेमेंट का उद्दोग साल 2022 से 2027 तक 35 फीसदी सीएजीआर की दर से बढ़ेगा। फोनपे मैनेजमेंट ने केपीएमजी को यह जानकारी भी दी है कि इंश्योरेंस जैसी सर्विसेज भी कंपनी की ग्रोथ होने की उम्मीद है।
कितनी है फोनपे की वैल्युएशन
30 सितंबर 2022 तक फोनपे की वैल्युएशन 12 बिलियन डॉलर यानी करीब 95,540 करोड़ रुपये के लगभग आंकी गई थे जो कि पेटीएम की वैल्युएशन से लगभग तीन गुना ज्यादा है। बता दें कि पेटीएम की वैल्युएशन 34,560 करोड़ रुपये है।