Zerodha के को-फाउंडर एवं सीईओ नितिन कामत और PhonePe के को-फाउंडर समीर निगम का मानना है कि इंडिया के स्टार्टअप्स का मार्केट साइज 10 करोड़ डॉलर हो सकता है। उनका मानना है कि इस मार्केट साइज का अंदाजा लगाने में इनवेस्टर्स और फाउंडर्स से गलती हो सकती है। दोनों फाउंडर्स ने 7 जुलाई को बेंगलुरु में आयोजित मनीकंट्रोल स्टार्टअप कॉनक्लेव में ये बातें कहीं। कामत ने कहा कि गवर्नेंस से जुड़े कुछ मसले इसलिए पैदा हुए कि स्टार्टअप्स और वेंचर कैपिटल इनवेस्टर्स ने संभावित मार्केट साइज का ज्यादा अंदाजा लगाया।
उन्होंने कहा, "अगर आप पैसे जुटाने के दौरान सीमा से ज्यादा सेल करते हैं तो फाउंडर्स को उसे लंबे समय तक जारी रखना पड़ता है। फाउंडर्स को इस टारगेट को हासिल करने में दबाव का सामना करना पड़ सकता है। असल मॉनेटाइजेबल मार्केट साइज 10 करोड़ डॉलर है। इंडिया एक विकासशील देश है और यह तेजी से विकास कर रहा है। लेकिन, फिलहाल मार्केट साइज 10 करोड़ डॉलर का दिखता है।"
निगम ने कहा कि फोनपे इस साल दिवाली तक 5 करोड़ यूजर्स का टारगेट हासिल कर सकती है। इसके एक्टिव यूजर्स बेस 30 करोड़ होगा। इनमें से सिर्फ 10 करोड़ यूजर्स ही कंपनी के अलग-अलग फाइनेशियल प्रोडक्ट्स खरीदेंगे। हालांकि, मार्केट साइज को 10 साल के नजरिए से देखना चाहिए। उन्होंने कहा, "लोग रेवेन्यू का अंदाजा लगाते हैं, लेकिन मार्जिन के बारे में नहीं सोचते। यही असल समस्या है। मौका चुकने का डर (FOMO) असर दिखा रहा है। बहुत ज्यादा प्लेयर्स होने के मार्जिन घट रहा है।" PhonePe अपने फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स की रेंज बढ़ा रही है। यह स्टॉक ब्रोकिंग, लोन और दूसरी कुछ सेवाओं के क्षेत्र में उतर रही है।
कामत का मानना है कि फोनपे पब्लिक मार्केट इनवेस्टमेंट तक लोगों की पहुंच बढ़ाने की स्थिति में है। इससे यह इंडस्ट्री की बड़ी प्लेयर बन जाएगी। उधर, जेरोधा एक मुनाफा बनाने वाली कंपनी है। यह मार्केट के टॉप लेयर पर फोकस कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर दूसरे फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स और सर्विसेज की बात आएगी तो उनकी कंपनी दूसरे स्टार्टअप्स से हाथ मिलाएगी। फोनपे की बड़ी प्रतिद्वंद्वी कंपनी पेटीएम हर महीने 5,000 करोड़ रुपये का लोन बांट रही है। यह पूछने पर क्या फोनपे भी इसी तरह के टारगेट के बारे में सोच रही है, उन्होंने कहा कि हम लेंडिंग स्पेस में अच्छे नतीजे देख रहे हैं।