Ankiti Bose के सस्पेंशन के बाद नया CEO नियुक्त कर सकती है Zilingo, अकाउंटिंग जांच के घेरे में है स्टार्टअप

Zilingo के बोर्ड ने बोस की जगह पर किसी को नियुक्त करने के लिए अभी तक फैसला नहीं किया है, हालांकि एंटरिम लीडरशिप की नियुक्ति के विकल्प पर विचार किया गया है

अपडेटेड Apr 19, 2022 पर 2:57 PM
अंकिति बोस का मौजूदा निलंबन 5 मई तक जारी रहेगा। इसके चलते बोर्ड के रूप में उनके मौजूदा स्टेटस को स्पष्ट करने का दबाव है, क्योंकि वह कंपनी के दिशाहीन तरीके से आगे बढ़ने के लिए जिम्मेदार हैं

Zilingo : जिलिंगो का बोर्ड अंकिति बोस (Ankiti Bose) को सीईओ की पोस्ट से सस्पेंड करने के बाद अब उनकी जगह किसी और को लाने पर विचार कर रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि अकाउंटिंग से जुड़ी खामियों की जांच के बीच कंपनी की बेहतरी के लिए यह जरूरी हो गया है।

सूत्रों ने कहा कि बोस और खुद जिलिंगो के भविष्य के बारे में विचार करने के लिए डायरेक्टर्स हाल के दिनों में लगातार बातचीत कर रहे हैं। बोस का मौजूदा निलंबन 5 मई तक जारी रहेगा। इसके चलते बोर्ड के रूप में उनके मौजूदा स्टेटस को स्पष्ट करने का दबाव है, क्योंकि वह कंपनी के दिशाहीन तरीके से आगे बढ़ने के लिए जिम्मेदार हैं।

निजी जांच कंपनी क्रोल कर रही जिलिंगो के बहीखातों की जांच


सूत्रों ने कहा कि बोर्ड ने बोस की जगह पर किसी को नियुक्त करने के लिए अभी तक फैसला नहीं किया है, हालांकि एंटरिम लीडरशिप की नियुक्ति के विकल्प पर विचार किया गया है। निजी जांच कंपनी क्रोल (Kroll) जिलिंगो के बहीखातों की जांच कर रही है। यह जांच जल्द ही समाप्त हो सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, बोस ने कोई गलत काम करने से इनकार किया है और ‘बलि का बकरा’ बनाए जाने के खिलाफ लड़ाई के लिए एक अटॉर्नी की नियुक्ति की है। सूत्रों के मुताबिक, इस तरह के गतिरोध से वह खासी निराश हैं और उनके सीईओ के रूप में लौटने की संभावनाएं कम हैं।

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जांच में सहयोग कर रही हैं बोस

ब्लूमबर्ग को भेजे एक स्टेटमेंट में बोस ने कहा कि वह “जांच में बोर्ड को पूरी तरह सहयोग दिया जा रहा है” और “एक बात पर हम भी सहमत हैं कि जब भी कोई विश्वसनीय शिकायत मिली है, एक बोर्ड मेंबर के रूप में हमारी इनकी जांच करने और कंपनी के सर्वश्रेष्ठ हित में काम करने की जिम्मेदारी रही है।” इस संबंध में जिलिंगो की तरफ से तत्काल की टिप्पणी नहीं मिल सकी है।

टेमासेक होल्डिंग्स और सिकोइया कैपिटल इंडिया के निवेश वाली जिलिंगो (Zilingo Pte) इस महीने की शुरुआत में तब सुर्खियों में आई थी, जब वह गोल्डमैन सैक्स ग्रुप इंक से 15 से 20 करोड़ डॉलर जुटाने की कोशिश कर रही थी। उस समय  इनवेस्टर्स ने विचार-विमर्श के दौरान उसके फाइनेंसेज पर सवाल उठाए थे।

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इनवेस्टर्स भी हैं अलर्ट

सूत्रों ने कहा कि इसके बाद टेमासेक होल्डिंग्स और सिकोइया कैपिटल इंडिया जैसे इनवेस्टर्स ने उनकी फाइनेंशियल प्रैक्टिसेज की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि जिलिंगो के ऑडिटर ने कंपनी की अकाउंटिंग पर सवाल खड़े किए हैं। बड़ी चिंता यह है कि जिलिंगो हजारों छोटे मर्चेंट्स के ट्रांजेक्शंस और रेवेन्यू के लिए जिम्मेदार है और रेगुलेटर्स ने करा कि कंपनी ने 2019 से अपने फाइनेंशियल रिटर्न फाइल नहीं किए हैं।

टेमासेक ने एक बयान में कहा, हम अपने पोर्टफोलियो की कंपनियों से अच्छे कॉर्पोरेट गवर्नेंस और नियमों के पालन की उम्मीद करते हैं। हम जांच में बोर्ड को पूरा सहयोग कर रहे हैं।

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