Swiggy Tax Notice : ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी लिमिटेड को आयकर विभाग से 2021-22 के लिए ₹158.25 करोड़ का आयकर नोटिस मिला है। यह आदेश बेंगलुरु के आयकर उपायुक्त ने जारी किया है। इसमें व्यापारियों को किए गए कैंसलेशन शुल्क और टैक्स रिफंड पर ब्याज से जुड़ी गड़बड़ियों का आरोप लगाया गया है।
स्विगी ने अपनी बीएसई और एनएसई फाइलिंग में कहा कि कंपनी इस आदेश से असहमत है और इसे आगे चुनौती देगी। कंपनी का कहना है कि उसके पास इस मामले में मजबूत दलीलें हैं और वह अपने हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है।
स्विगी ने यह भी बताया कि उसे इस आयकर आदेश से अपनी वित्तीय स्थिति या कामकाज पर कोई बड़ा असर नहीं होने की उम्मीद है। मंगलवार को स्विगी का शेयर बीएसई पर 0.50% की बढ़त के साथ ₹331.55 पर बंद हुआ। स्विगी के शेयरों में इस साल यानी 2025 में अब तक 38.96% की बड़ी गिरावट आई है। वहीं पिछले एक महीने में शेयर में 1.46% की बढ़त दिखी है।
अन्य कंपनियों को टैक्स डिमांड का नोटिस
स्विगी अकेली कंपनी नहीं है जो आयकर की जांच का सामना कर रही है। आज ही डाबर इंडिया लिमिटेड ने बताया कि उसे 2017-18 के लिए ₹110.33 करोड़ का आयकर पुनर्मूल्यांकन आदेश मिला है। कंपनी का कहना है कि इसमें से कुछ मांग गलती से हुई थी, क्योंकि पहले से आकलित आय को फिर से जोड़ लिया गया था। इसके अलावा, ₹36.77 करोड़ की मांग बिना उचित चर्चा के की गई, डाबर ने दावा किया।
इसी तरह, आईटी सर्विसेज कंपनी एम्फासिस लिमिटेड को भी 31 मार्च को ₹232.37 करोड़ का टैक्स डिमांड नोटिस मिला है, जो विदेशी भुगतान पर टीडीएस से जुड़ा हुआ है।