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हिंदुजा परिवार में छिड़ी संपत्ति की जंग, टूटने की कगार पर खड़ा 18 अरब डॉलर का साम्राज्य

हिंदुजा परिवार के कई सदस्य चाहते हैं कि संपत्तियों को अलग-अलग बांट दिया जाए

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 24, 2021 पर 9:21 PM
हिंदुजा परिवार में छिड़ी संपत्ति की जंग, टूटने की कगार पर खड़ा 18 अरब डॉलर का साम्राज्य
hinduja family

लंदन में पले-बढ़े करम हिंदुजा का बचपन में सबसे पसंदीदा समय अपने दादा श्रीचंद हिंदुजा के साथ बॉलीवुड फिल्में देखना था। श्रीचंद परमानंद हिंदुजा को 'Hinduja Group' नाम से एक ग्लोबल बिजनेस साम्राज्य खड़ा करना के लिए जाना जाता है। हालांकि करम को तब यह अंदाजा नहीं था कि करीब 25 साल पहले वह अपने दादा के साथ ही एक फैमिली-ड्रामा में उलझे होंगे, जिसमें किसी बॉलीवुड फिल्म से अधिक नाटकीय मोड़ हैं। हालांकि बस एक अंतर है अधिकतर फिल्मों के उलट इसमें शायद हैप्पी एंडिंग न हो।

85 वर्षीय श्रीचंद परमानंद हिंदुजा इस समय Dementia (यादाश्त भुलने की बीमारी) से ग्रसित है और करम, उनकी बहन, मां, आंटी और दादी हिंदुजा परिवार के बाकी सदस्यों के साथ 18 अरब डॉलर के ब्रिटिश-इंडियन कॉरपोरेट समूह में हिस्सेदारी को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं। करम के साइड वाली फैमिली से जो चीज बार-बार कही जा रही है, वह कुछ समय पहले तक किसी ने नहीं सोचा था।

करम हिंदुजा और उनके साथ की फैमिली के लोग चाहते हैं कि संपत्तियों को अलग-अलग बांट दिया जाए। वहीं श्रीचंद परमानंद हिंदुजा के बाकी तीन भाई- गोपीचंद, प्रकाश और अशोक चाहते हैं कि कंपनी पहले की तरह एक बनी रहे, जहां उसका पुराना मोटो बरकरार रहे, "सभी चीजें सबकी है और कोई भी चीज किसी की भी नहीं है।"

यह लड़ाई आगे बढ़कर लंदन और स्विटजरलैंड के कोर्ट तक पहुंच गई है। श्रीचंद परमानंद हिंदुजा के पक्ष के लोगों का मानना है कि उनकी तरफ से कारोबार उनकी बेटियां संभाल रही हैं और यह संभव है कि महिला-विरोधी मानसिकता के नाम उनकी बेटियों के खिलाफ दूसरे पक्ष से कदम उठाए गए हैं और अब वे इस मामले में पीछे नहीं हटने वाली हैं। इस कड़वी लड़ाई ने 107 साल पुराने और दुनिया के सबसे बड़े कॉरपोरेट साम्राज्य में से एक को टूटने के कगार पर ला दिया है।

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