रिजर्व बैंक के नए P2P नियमों के बाद लॉक हुए फंड, समाधान खोजने में जुटे लेंडबॉक्स के निवेशक

वड़ोदार के बिजनेसमैन प्रसेनजित ने मई 2023 में मोबिक्विक एक्सट्रा (MobiKwik Xtra) के जरिये लेंडबॉक्स P2P स्कीम में 10 लाख रुपये निवेश किए थे। लेंडबॉक्स एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है, जो रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक चलती है। वड़ोदरा के चार्टर्ड एकाउंटेंट दीपक शाह ने भी जून 2023 में मोबिक्विक एक्सट्रा के जरिये लेंडबॉक्स P2P स्कीम में 40 लाख रुपये लगाए थे

अपडेटेड Oct 23, 2024 पर 11:59 PM
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कई निवेशकों ने वन मोबिक्विक सिस्टम्स लिमिटेड और लेंडबॉक्स की पेरेंट कंपनी ट्रांजैक्ट्री टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ केस दर्ज करने का फैसला किया है।

वड़ोदार के बिजनेसमैन प्रसेनजित ने मई 2023 में मोबिक्विक एक्सट्रा (MobiKwik Xtra) के जरिये लेंडबॉक्स P2P स्कीम में 10 लाख रुपये निवेश किए थे। लेंडबॉक्स एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है, जो रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक चलती है। वड़ोदरा के चार्टर्ड एकाउंटेंट दीपक शाह ने भी जून 2023 में मोबिक्विक एक्सट्रा के जरिये लेंडबॉक्स P2P स्कीम में 40 लाख रुपये लगाए थे।

इस स्कीम में निवेशकों को किसी भी समय अपना पैसा वापस निकालने की सुविधा दी गई थी, बशर्ते तय शर्तों के मुताबिक सेकेंडरी ट्रांजैक्शंस उपलब्ध हों।

रिजर्व बैंक के नए नियमों से फ्रीज हुआ निवेश


रिजर्व बैंक ने 16 अगस्त को संशोधित गाइडलाइंस जारी की, जिसके बाद P2P लेडिंग परिदृश्य पूरी तरह से बदल गया। नतीजतन, नए नियमों की वजह से लेंडबॉक्स का किसी भी समय निकासी का विकल्प अचानक से बंद हो गया। डेबिट और क्रेडिट कार्ड का रिव्यू करने वाले प्लेटफॉर्म टेक्नोफिनो के फाउंडर सुमंत मंडल ने बताया कि कई P2P लेंडिंग प्लेटफॉर्म निवेशकों को 12 पर्सेंट फिक्स्ड इनकम और किसी भी समय निकासी का वादा कर निवेशकों को गुमराह कर रहे हैं। इस वजह से रिजर्व बैंक को हस्तक्षेप कर ऐसी कंपनियों और उनके ग्राहकों के लिए नए नियम बनाने पड़े।

नए नियमों में बदलाव के बाद डे जैसे निवेशकों के लिए निकासी करना आसान नहीं है और लेंडबॉक्स में उनका 10 लाख का निवेश मई 2026 तक लॉक हो गया है। इसी तरह, शाह का फंड भी जून 2026 तक लॉक हो गया है।

कानूनी कार्रवाई के जरिये राहत की कोशिश

डे और शाह ऐसे कई निवेशकों में शामिल हैं, जिनके फंड मोबिक्विक एक्सट्रा के जरिये लैंडबॉक्स की P2P स्कीम में लॉक हो गए हैं और इसका भुगतान अब तय शेड्यूल के जरिये होगा। चूंकि इन स्कीम में निवेश 16 अगस्त 2024 से पहले हुआ था, जब सुविधा अनुसार निकासी की अनुमित थी, लिहाजा ये निवेशक अब कानूनी कार्रवाई का रास्ता अख्तियार करने की कोशिश में है। कई निवेशकों ने वन मोबिक्विक सिस्टम्स लिमिटेड और लेंडबॉक्स की पेरेंट कंपनी ट्रांजैक्ट्री टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ केस दर्ज करने का फैसला किया है।

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