वॉल्ट डिज्नी कंपनी एक बार फिर हजारों नौकरियों में कटौती कर सकती है। कंपनी ने कुछ मैनेजरों से कहा है कि वे सालाना खर्च में 20 प्रतिशत की बचत करने का लक्ष्य रखें। ब्लूमबर्ग को मामले की जानकारी रखने वाले लोगों से पता चला है कि यह बचत नौकरियों को खत्म करके और अन्य खर्चों में कटौती करके की जा सकती है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जोश डी'अमारो का इरादा इस बचत का कुछ हिस्सा फिल्म और टीवी प्रोग्रामिंग, टेक्नोलॉजी, थीम पार्क और क्रूज शिप बिजनेस में फिर से लगाने का है।
अभी यह पता नहीं चला है कि डिज्नी में जॉब कट से कितनी नौकरियां जा सकती हैं। लेकिन कंपनी के कुछ कामकाज, जैसे कि थीम पार्क, टीवी नेटवर्क और मूवी स्टूडियो, इस जॉब कट से ज्यादा प्रभावित होंगे। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने 1 अक्टूबर को रिपोर्ट दी थी कि डिज्नी अपने टीवी डिवीजन को रीस्ट्रक्चर करने की योजना बना रही है। साथ ही लीगल और ग्लोबल अफेयर्स यूनिट में भी कटौती करने वाली है। डिज्नी ने चालू वित्त वर्ष में 'एडजस्टेड अर्निंग्स पर शेयर' में डबल डिजिट ग्रोथ का वादा किया है।
पहले भी निकाल चुकी है हजारों लोग
हाल के वर्षों में डिज्नी ने खर्च में अरबों डॉलर की कटौती की है और हजारों पदों को खत्म किया है। इन कटौतियों का असर ABC, पिक्सर, ESPN, फिल्म स्टूडियो और एक्सपीरियंसेज यूनिट सहित कंपनी के हर विभाग पर पड़ा है। वित्त वर्ष 2025 के अंत में कंपनी के पास दुनिया भर में 231,000 कर्मचारी थे। इससे पहले वॉल्ट डिज्नी ने अप्रैल 2026 में लगभग 1,000 पद खत्म किए थे। मार्च 2025 में कंपनी ने 200 एंप्लॉयीज की छंटनी की थी। जून 2025 में भी सैकड़ों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था। उस वक्त इसकी मार फिल्म, टीवी, मार्केटिंग, पब्लिसिटी, कास्टिंग, डेवलपमेंट और कॉरपोरेट फाइनेंस डिवीजंस पर पड़ी थी।
सितंबर 2024 में कंपनी ने लीगल, एचआर और कम्युनिकेशंस टीम से करीब 300 जॉब कट की थीं। साल 2023 में Disney में बड़े पैमाने पर छंटनी हुई थी। कंपनी ने 5.5 अरब डॉलर की बचत करने के लिए 7,000 नौकरियां खत्म कर दी थीं।
दूसरी एंटरटेनमेंट कंपनियों में भी हुई है छंटनी
नेटफ्लिक्स इंक., सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट, स्काईडांस कॉर्प की पैरामाउंट और वार्नर ब्रदर्स जैसी अन्य एंटरटेनमेंट कंपनियों ने भी नौकरियों में कटौती की है। इसकी वजह है कि पारंपरिक टेलीविजन से होने वाली कमाई घट रही है और स्ट्रीमिंग सब्सक्राइबर्स की संख्या में वृद्धि धीमी हो गई है। साथ ही दर्शक अब सोशल मीडिया, ऑनलाइन वीडियो और एमेजॉन व एप्पल जैसी बड़ी टेक कंपनियों की स्ट्रीमिंग सर्विसेज की ओर ज्यादा जा रहे हैं।