Zerodha के मुनाफे में आया 50% का उछाल, CEO नितिन कामत ने बुल मार्केट, वर्क फ्रॉम होम और IPO लॉन्चिंग को कहा थैंक्स

देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म जीरोधा (Zerodha) के नेट प्रॉफिट और रेवेन्यू दोनों में वित्त वर्ष 2022 के दौरान 50 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हुई है

अपडेटेड Apr 30, 2022 पर 3:13 PM
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नितिन कामत, Zerodha के को-फाउंडर और सीईओ

देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म जीरोधा (Zerodha) के नेट प्रॉफिट और रेवेन्यू दोनों में वित्त वर्ष 2022 के दौरान 50 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी के को-फाउंडर और सीईओ नितिन कामत (Nithin Kamat) ने शनिवार को एक ट्वीट के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने कंपनी के इस शानदार प्रदर्शन के लिए पिछले वित्त वर्ष में बाजार में आए 'बुल रन' यानी शेयर बाजार में आई तेजी को श्रेय दिया।

नितिन कामत ने बताया कि पिछले दो सालों के दौरान वर्क फ्रॉम होम, नौकरी पेशा लोगों की बचत में बढ़ोतरी, बुल मार्केट, वोलैटिलिटी, कई सारे आईपीओ की लॉन्चिंग सहित कई पहलुओं के चलते शेयर बाजार में निवेशकों की संख्या बढ़ी है। इसका जीरोधा की सीधे फायदा मिला है।

मुनाफे में बुल मार्केट और एक्टिव ट्रेडर्स का अहम योगदान

नितिन कामत ने कहा कि बुल मार्केट के समय हमेशा यही लगता है कि ब्रोकरेज इंडस्ट्रीज यहां से हमेशा आगे बढ़ती रहेगी। हालांकि ऐसा नहीं हो सकता है और इससे जुड़े कई जोखिम भी है। उन्होंने बताया कि कंपनी को अधिकतर आमदनी एक्टिव ट्रेडर्स से हासिल होती है और एक्टिव ट्रेडिंग करने के लिए लोगों को अच्छे कौशल और थोड़े भाग्य की भी जरूरत होती है।


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Zerodha के सीईओ ने कहा, "अगर ट्रेडर्स का भाग्य ने साथ नहीं दिया और उन्हें मुनाफा नहीं होता है तो फिर वे कुछ दिनों बाद ट्रेडिंग करना बंद कर देते हैं। इसका मतलब है कि इंडस्ट्री को अपनी आमदनी बनाए रखने के लिए यह जरूरी है बाजार में लगातार नए एक्टिव ट्रेडर्स आते रहें।"

उन्होंने कहा कि नए यूजर या नए ट्रेडर्स शेयर बाजार की तरफ तभी आकर्षित होते हैं, जब बाजार में तेजी आ रही हो और लोग मुनाफा बना रहे हों। अगर बाजार में गिरावट आती है, तो इसके साथ नए यूजर्स की संख्या भी घट जाती है, जिसके चलते एक्टिव ट्रेडर्स कम हो जाते हैं और फिर आमदनी भी घट जाती है। यह एक ऐसी स्थिति हैं, जिसमें ब्रोकरेज फर्म कुछ नहीं कर सकते, सिवाय अच्छे दिनों के इंतजार के।

अमेरिकी ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म रॉबिनहुड का दिया उदाहरण

इसके अलावा, एक अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म 'रॉबिनहुड (Robinhood)' का उदाहरण देते हुए, नितिन कामत ने लिखा कि अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट के साथ ही रॉबिनहुड का मार्केट कैप 80 अरब डॉलर के उच्च स्तर से गिरकर 9 अरब डॉलर पर आ गया है। कामथ ने लिखा, “पिछली कुछ तिमाहियों में रॉबिनहुड के शेयर की कीमत और वित्तीय स्थिति से पता चलता है कि रिटेल ब्रोकर के प्रदर्शन का का बाजार के सेंटीमेंट के साथ कितना गहरा संबंध है। कामथ ने कहा कि मार्केट कैप में गिरावट अमेरिकी बाजार में तेज गिरावट के कारण नए यूजर की संख्या में गिरावट से सीधा संबंध है।"

'हम हर स्थिति के लिए भी तैयार'

नितिन कामत ने कहा, "भारत में अभी स्थिति ठीक है और उनकी ब्रोकरेज फर्म ने नए यूजर को जोड़ने और रेवेन्यू के मामले में एक मील का पत्थर स्थापित किया है। हालांकि अगर बाजार गिरता है तो हमारा भी हश्र रॉबिनहुड जैसा हो सकता है। मैं खुद को और अपनी टीम को यह सब दिलाता रहता हूं कि स्थितियां बदलती रहती हैं।"

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