जोमैटो (Zomato) के सीईओ दीपिंदर गोयल ने फाइनेंशियल ईयर 2026 तक अपना सालाना मेहनताना नहीं लेने का फैसला किया है। उनकी सालाना सैलरी 3.5 करोड़ रुपये है। इससे पहले वित्त वर्ष 2024 तक सैलरी नहीं लेने का फैसला किया था और अब उन्होंने इस अवधि को 2 साल और बढ़ा दिया है। कंपनी के क्वॉलिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) दस्तावेजों से यह जानकारी मिली है।
गोयल ने वित्त वर्ष 2021 के शुरू में कहा था कि वह 3 साल यानी फाइनेंशियल ईयर 2024 तक अपनी सैलरी नहीं लेंगे। हालांकि, हालिया फैसले का मतलब है कि वह 31 मार्च 2026 तक कोई सैलरी नहीं लेंगे। ऑफर डॉक्युमेंट में कहा गया है, '24 मार्च 2021 और 1 अप्रैल 2024 को लिखी गई चिट्ठी के मुताबिक, दीपिंदर गोयल ने 1 अप्रैल 2021 से लेकर 31 मार्च 2026 तक अपनी सैलरी नहीं लेने का फैसला किया है।'
हालांकि, गोयल इस अवधि में जोमैटो के एमडी और सीईओ के तौर काम करते रहेंगे। वह वैरिएबल पे के भी हकदार हैं और इस बारे में बोर्ड द्वारा बाद में फैसला किया जाएगा। बहरहाल, जोमैटो में गोयल की हिस्सेदारी 4.18 पर्सेंट है, जो तकरीबन 10,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा बैठती है। जोमैटो के स्टॉक में बढ़ोतरी की वजह से उनकी हिस्सेदारी की वैल्यू भी बढ़ी है। इस साल अब तक कंपनी के स्टॉक में तकरीबन 140 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई है।
हालिया आंकड़ों के मुताबिक, जोमैटो का मार्केट कैपिटल 2,45,243 करोड़ रुपये (तकरीबन 28.8 अरब डॉलर) है। इसकी प्रतिद्वंद्वी और हाल में लिस्टेड कंपनी स्विगी (Swiggy) का मार्केट कैपिटल 99,845 करोड़ रुपये (11.8 अरब डॉलर) है।