Agri commodity : वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (World Economic Forum) ने इनकम प्रोटेक्शन एंड अर्ली वार्निंग सिस्टम : हाउ इंडिया इस बिल्डिंग क्लाइमेट रेजीलिएंस (Income Protection and Early Warning Systems: How India is Building Climate Resilience) के नाम से एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि 2015-2021 के बीच ज्यादा बारिश होने से करीब 34 मिलियन हेक्टेयर में फसलों को नुकसान हुआ है। ये रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब मौसम विभाग इस साल सामान्य से ज्यादा बारिश होने की उम्मीद जता रहा है। देश में 1 जून से अब तक सामान्य से 5 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। तो क्या इस बार भी बारिश से नुकसान की कहानी दोहराई जाएगी या नहीं? इस पर बात करने के लिए आज सीएनबीसी-आवाज के साथ रहे पूर्व एग्री सेक्रेटरी सिराज हुसैन।
