Commodity Market: चावल इंडस्ट्री जो पहले से 25% टैरिफ से परेशान है। वो मौजूदा हालात को को कैसे देखती है। क्योंकि भारत के मुकाबले दूसरे देशों पर टैरिफ की दर कहीं कम है। 27 अगस्त से 25% का अतिरिक्त टैरिफ संभव है। भारत पर अभी 25% का टैरिफ लगा हुआ है। 27 अगस्त से कुल 50% के टैरिफ की आशंका है। अतिरिक्त टैरिफ की आशंका से चावल इंडस्ट्री परेशान है। भारत बासमती चावल का सबसे एक्सपोर्टर है ।
चावल का ग्लोबल एक्सपोर्ट आंकड़ों पर नजर डालें तो 2024 में देश भारत में चावल की ग्लोबल एक्सपोर्ट की हिस्सेदारी 30 फीसदी थी जबकि थाईलैंड की 16 फीसदी,वियतनाम की 14 फीसदी और पाकिस्तान की 11 फीसदी रही थी।
टेक्सटाइल पर टैरिफ की कैंची!
27 अगस्त से 50% टैरिफ लागू हो सकता है । इंडस्ट्री को 50-63.9% टैरिफ की आशंका है। US को सालाना $10.3 बिलियन का एक्सपोर्ट हुआ। इंडस्ट्री को एक्सपोर्ट 20-30% गिरने की आशंका है । कारोबार घटने से नौकरियां घट सकती है। अमेरिकी इंपोर्टर्स 25-30% की छूट मांग रहे हैं। बता दें कि भारत पर 25 फीसदी, बांग्लादेश और वियतनाम में 20 फीसदी टैरिफ लगाया।
जैक्सन होल में क्या बोले पॉवेल?
फेड चेयरमैन जिरोम पॉवेल ने दरों में कटौती के संकेत दिए। नौकरियों में गिरावट का खतरा बढ़ा है। कर्मचारियों की सप्लाई और डिमांड दोनों घट रही है। टैरिफ का असर कंज्यूमर प्राइस पर साफ दिख रहा है। कीमतों में बढ़त का असर लंबे समय तक महंगाई पर दिख सकता है। बेस केस- टैरिफ का कीमतों पर असर छोटी अवधि तक रहेगा। एक बार का मतलब ये नहीं कि सारी कटौती एक बार में हो जाएगी।