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Cotton Price: कॉटन की ग्लोबल मांग में गिरावट, जानें क्यों बढ़ रहा है कॉटन पर दबाव?

Cotton Price: कॉटन की ग्लोबल मांग में गिरावट आई। इंडस्ट्री में अल्टरनेटिव फाइबर की मांग बढ़ी। बांस, रिसाइकल कॉटन की मांग बढ़ रही है जबकि ब्लेंडेड कॉटन की भी मांग तेजी से बढ़ रही

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 24, 2025 पर 4:41 PM
Cotton Price: कॉटन की ग्लोबल मांग में  गिरावट, जानें क्यों बढ़ रहा है कॉटन पर दबाव?
अतुल गनात्रा ने आगे कहा कि 11 फीसदी ड्यूटी लगने के बावजूद कॉटन का इंपोर्ट बढ़ रहा है।

Cotton Price:कॉटन की ग्लोबल मांग में गिरावट आई। इंडस्ट्री में अल्टरनेटिव फाइबर की मांग बढ़ी। बांस, रिसाइकल कॉटन की मांग बढ़ रही है जबकि ब्लेंडेड कॉटन की भी मांग तेजी से बढ़ रही। एनवायरनमेंट फ्रेंडली विकल्प की मांग बढ़ी है। कॉटन से दाम होना भी मांग बढ़ने की वजह है।

टेक्सटाइल में प्योर कॉटन की सिर्फ 30% मांग है। रिसाइकल कॉटन का दाम कॉटन का एक चौथाई है। कॉटन की बुआई में गिरावट की आशंका है। बुआई कम तो उत्पादन में भी गिरावट आएगी।

देश में कॉटन की बुआई 11 जुलाई 2024 को 95.22 लाख हेक्टेयर रही थी जबकि 11 जुलाई 2025 को 92.83 लाख हेक्टेयर रही।

भारत में कॉटन का उत्पादन आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2019-20 में 360.65 लाख बेल्स का उत्पादन किया। जबकि साल 2020-21 में 352.48 लाख बेल्स, साल 2021-22 में 311.18

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