Crude Oil Price: $105 के पार क्रूड की कीमतें स्थिर, 3 साल के उच्चतम स्तर के करीब पहुंचा कोयले की कीमत

Crude Oil Price Today: पिछले दो हफ्तों से क्रूड ऑयल की कीमतें $105 प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से शिपिंग में रुकावटों ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट में चिंता बढ़ा दी है

अपडेटेड Oct 14, 2026 पर 2:04 PM
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वेस्ट एशिया में संघर्ष के और बढ़ने की संभावना को देखते हुए क्रूड ऑयल की कीमतें $107 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं।

Crude Oil Price Today: पिछले दो हफ्तों से क्रूड ऑयल की कीमतें $105 प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से शिपिंग में रुकावटों ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट में चिंता बढ़ा दी है। वहीं, कोयले के फ़्यूचर्स तीन साल के उच्चतम स्तर के करीब ट्रेड कर रहे हैं, क्योंकि लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की ऊंची कीमतों के कारण बिजली उत्पादन के लिए कोयला एक सस्ता विकल्प बन गया है।

वेस्ट एशिया में संघर्ष के और बढ़ने की संभावना को देखते हुए क्रूड ऑयल की कीमतें $107 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। वाशिंगटन और तेहरान के बीच कोई समाधान न निकलने के कारण, सप्लाई में रुकावट की चिंताएं कीमतों को सहारा दे रही हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एनर्जी मार्केट के लिए चिंता का एक मुख्य केंद्र बना हुआ है। कमोडिटी एनालिटिक्स फर्म Kpler के अनुसार, इस जलमार्ग से क्रूड ऑयल का प्रवाह तेजी से घटा है। सितंबर में रोज़ाना औसतन 16-17 मिलियन बैरल का प्रवाह था, लेकिन अक्टूबर में यह औसत गिरकर 10 मिलियन बैरल प्रति दिन से भी कम हो गया है।


सऊदी अरब में हो रही घटनाओं पर भी कड़ी नज़र रखी जा रही है। मिसाइल और ड्रोन को रोकने और हमलों की खबरें आ रही हैं, जिनसे एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य जगहों पर असर पड़ रहा है। सऊदी अरामको के हेडक्वार्टर पर ड्रोन हमले की खबरें भी सामने आई हैं, हालांकि कंपनी की ओर से आधिकारिक बयान का इंतज़ार है।

सऊदी अरब का तेल उत्पादन लगभग 2 मिलियन बैरल प्रति दिन बढ़कर 8.73 मिलियन बैरल प्रति दिन हो गया है। हालांकि, उत्पादन अभी भी युद्ध से पहले के स्तर से नीचे है, जो क्षेत्रीय एनर्जी सप्लाई पर संघर्ष के लगातार असर को दिखाता है।

अगले छह महीनों के लिए रूसी डीज़ल की सप्लाई को अमेरिका और अन्य मार्केट तक पहुंचने की अनुमति देने वाले समझौते से चिंताओं में कोई खास कमी नहीं आई है। मार्केट में शामिल लोगों को उम्मीद है कि इस अतिरिक्त मात्रा का कुल सप्लाई पर सीमित असर पड़ेगा।

LNG के महंगे बने रहने से कोयले की कीमतें बढ़ीं

क्रूड ऑयल और LNG की कीमतों में उछाल ने कोयले की कीमतों को भी सहारा दिया है। कोयले के फ़्यूचर्स $150 प्रति टन के आसपास ट्रेड कर रहे हैं, जो तीन साल के उच्चतम स्तर के करीब है, क्योंकि खरीदार नेचुरल गैस के मुकाबले सस्ते विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। LNG की तुलना में कोयले की कीमत लगभग 80% कम है, इसलिए जब गैस की कीमतें ज़्यादा होती हैं, तो यह कुछ एनर्जी कंज्यूमर्स के लिए एक आकर्षक विकल्प बन जाता है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने यह भी संकेत दिया है कि 2026 में कोयले की ग्लोबल डिमांड रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच सकती है।

डॉलर और US महंगाई के आंकड़ों पर नजर

एनर्जी की कीमतों के अलावा, इन्वेस्टर्स US डॉलर पर भी नज़र रखे हुए हैं, जो अप्रैल 2025 में देखे गए स्तरों के आस-पास ट्रेड कर रहा है। ग्लोबल ग्रोथ को लेकर चिंताएं, बढ़ता कर्ज़ और वेस्ट एशिया में लंबे समय से चल रहा टकराव फाइनेंशियल मार्केट में अनिश्चितता बढ़ा रहे हैं।

इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड ने ग्लोबल ग्रोथ के लिए जोखिमों की ओर इशारा किया है, साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से चलने वाली मार्केट रैली के टिकाऊपन और बढ़ते कर्ज़ के दबाव पर भी सवाल उठ रहे हैं।

मार्केट के लिए अगला अहम ट्रिगर US महंगाई के आंकड़े होंगे। इन आंकड़ों से फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट आउटलुक को लेकर उम्मीदों पर असर पड़ सकता है और डॉलर व अन्य एसेट क्लास में हलचल हो सकती है।

 

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