चावल के टुकड़ों का एक्सपोर्ट संभव, DGFT ने जारी किया नोटिफिकेशन, जानिए क्या है एक्सपर्ट की राय

सरकार ने चावल को लेकर बड़ा फैसला किया है। चावल के टुकड़ों का एक्सपोर्ट संभव है। इसके लिए DGFT ने नोटिफिकेशन जारी किया है। आपको बता दें कि चावल के टुकड़ों के एक्सपोर्ट पर बैन कायम है

अपडेटेड May 25, 2023 पर 2:02 PM
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घरेलू सप्लाई बढ़ाने और चावल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने चावल के एक्सपोर्ट पर बैन लगाया था।

सरकार ने चावल को लेकर बड़ा फैसला किया है। चावल के टुकड़ों का एक्सपोर्ट संभव है। इसके लिए DGFT ने नोटिफिकेशन जारी किया है। आपको बता दें कि चावल के टुकड़ों के एक्सपोर्ट पर बैन कायम है। सिर्फ दूसरे देशों की मांग पर मंजूरी संभव है यानी ऐसे देश जहां की खाद्य सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा हो और वहां कि सरकार के अनुरोध पर भारत सरकार की अनुमति पर इस देशों को टूटे चावलों का निर्यात किया जा सकेगा। DGFT ने साफ किया है कि खाद्य सुरक्षा जरूरतों के लिए मंजूरी संभव है।

बता दें कि सितंबर 2022 में चावल के एक्सपोर्ट पर बैन लगाया गया था। घरेलू सप्लाई बढ़ाने और चावल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने चावल के एक्सपोर्ट पर बैन लगाया था। सरकार ने नॉन-बासमती के एक्सपोर्ट पर 20% ड्यूटी लगी है।

गौरतलब है कि चीन के बाद भारत चावल का सबसे बड़ा उत्पादक है। चावल के वैश्विक व्यापार में भारत का हिस्सा 40 प्रतिशत है। भारत ने 2021-22 के वित्त वर्ष में 2.12 करोड़ टन चावल का निर्यात किया था। इसमें 39.4 लाख टन बासमती चावल था।भारत ने 2021-22 के दौरान विश्व के 150 से अधिक देशों को गैर-बासमती चावल का निर्यात किया।


सत्यम बालाजी राइस इंडस्ट्रीज के हिमांशु अग्रवाल का कहना है कि कुछ देश चावल के एक्सपोर्ट की मांग कर रहे थे। दक्षिण अफ्रीका के देशों से मांग आ रही थी। चावल के टुकड़ों की खपत दक्षिण अफ्रीका के देशों में ज्यादा है। दक्षिण अफ्रीका के देशों में टूटे चावल की खपत खाने के तौर पर है। 1.50 करोड़ टन चावल के टुकड़ों का उत्पादन होता है।उन्होंने कहा कि चावल के टुकड़ों का इस्तेमाल आम तौर पर चारे के रूप में होता है। करीब 1 करोड़ टन एक्सपोर्ट होने की उम्मीद है।

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गेहूं की कीमतों में बढ़त शुरु

वहीं दूसरी तरफ गेहूं से जुड़ी भी खबर सामने आई है। गेहूं के रिकॉर्ड प्रोडक्शन के बावजूद इस बार इसकी कीमतों में बढ़ोतरी शुरू हो गई है। फिलहाल बाजारों में गेहूं MSP से पांच फीसदी ऊपर बिक रहा है। इतना ही नहीं, सरकार अपनी खरीदारी का लक्ष्य भी पूरा नहीं कर सकेगी। गेहूं के दाम फिर बढ़ने लगे हैं। दाम Minimum Support Price से 5 फीसदी तक बढ़ गए हैं। सरकार का गेहूं खरीद समर्थन मूल्य 2125 है. जबकि बाजार में गेहूं 2325 रुपए पर बिक रहा है। सरकार के मुताबिक इस साल गेहूं का रिकॉर्ड प्रोडक्शन होगा। सरकार ने 112 मिलियन टन गेहूं उत्पादन का अनुमान रखा था। सरकार अपने खरीद के लक्ष्य से भी काफी पीछे है।

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