commodity Market:सोने-चांदी की कीमतों में दबाव कायम है। MCX पर सोना 2 हफ्तों के निचले स्तरों पर कारोबार कर रहा है जबकि COMEX पर सोना 2 महीने के नीचे फिसला है। वहीं MCX, COMEX पर चांदी 3 हफ्तों के नीचे पहुंचा है। दरअसल, सोने-चांदी की कीमतों में दिख रही दबाव की वजह यह भी है कि बाजार को अमेरिकी फेड के फैसले का इंतजार है। 18 सितंबर को फेड ब्याज दरों पर फैसला लेगा। हालांकि बाजार को अमेरिका में महंगाई दर बढ़ने की आशंका है। अमेरिका, चीन के कमजोर आंकड़ों से भी दबाव बना है। लगातार छठे दिन डॉलर इंडेक्स 101 के ऊपर कायम है।
इस बीच सोने की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में कॉमेक्स पर सोना 1 फीसदी टूटा था जबकि एमसीएक्स पर इसमें 0.23 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। 1 महीने में कॉमेक्स पर सोना 4 फीसदी की छलांग लगाता नजर आया। वहीं 1 साल में कॉमेक्स पर सोना 30 फीसदी और एमसीएक्स पर 20 फीसदी की छलांग लगाता नजर आय़ा।
वहीं चांदी की चाल पर नजर डालें तो कॉमेक्स पर 1 हफ्ते में चांदी 4 फीसदी टूटा है जबकि एमसीएक्स पर 2 फीसदी गिरा है। वहीं 1 महीने में कॉमेक्स पर चांदी में 3 फीसदी का उछाल देखने को मिला। जबकि 1 साल में कॉमेक्स पर चांदी 19 फीसदी और एमसीएक्स पर 16 फीसदी की बढ़त दिखाता नजर आया।
G7 देशों ने हीरे पर लगाया प्रतिबंध
इस बीच खबर है कि G7 देशों ने हीरे पर प्रतिबंध लगाया है। 0.5 कैरेट के अधिक के हीरे पर प्रतिबंध लगाया है। G7 का प्रतिबंध 1 सितंबर से लागू हुआ है।
सोने में उतार-चढ़ाव रहेगा जारी
सोने-चांदी की चाल पर बात करते हुए GJEPC के ईडी सब्यसाची रे का कहना है कि सोने-चांदी में वौलेटिलिटी देखने को मिल रही है। जियोपॉलिटिकल तनाव के चलते सोने-चांदी में वौलेटिलिटी देखने को मिल रही है और आगे भी बना रह सकता है। सोने-चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव से मांग पर असर पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि GJEPC एग्जीबिशन में 96000 रुपये करोड़ बिजनेस का अनुमान है।
उन्होंने आगे कहा कि EU ने सोने और हीरे की ज्वेलरी की ग्रैंजफादरिंग को मंजूरी दी है। उनका कहना है कि हीरो के कई कैटेगरी है। हीरो के अलग-अलग कैटेगरी में मांग कम ज्यादा है।
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