Gold Price : धनतेरस 2027 तक सोने में 20-40% का उछाल मुमकिन, जानें पिछले 10 सालों में कैसी रही इसकी चाल

Gold Price Today: एनालिस्ट्स सोने में 15–20 फीसदी का कोर एलोकेशन बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं। कीमतों में उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए एकमुश्त निवेश के बजाय किस्तों में खरीदारी या SIP के जरिए निवेश करना बेहतर माना जाता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि एक साल में सोने की कीमत 30-40 प्रतिशत तक बढ़ सकती है 

अपडेटेड Nov 06, 2026 पर 10:09 AM
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Gold Rate: पिछले एक दशक में धनतेरस के दौरान सोने की कीमतों के आंकड़े बताते हैं कि MCX पर सोने के दाम, 2016 की धनतेरस पर 29,989 रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 5 नवंबर, 2026 को 1,43,184 रुपये हो गए हैं, जो कि लगभग 365 प्रतिशत की बढ़त है

Gold Price Today : धनतेरस पारंपरिक रूप से समृद्धि और सौभाग्य से जुड़ा पर्व है। कई निवेशक इस शुभ अवसर का इस्तेमाल अपने पोर्टफोलियो में सोना या सोने से जुड़े निवेश इंस्ट्रूमेंट्स को शामिल करने के लिए करते हैं। कमोडिटी बाजार के जानकारों का अनुमान है कि एक साल में सोने की कीमतों में 30-40 प्रतिशत की तेजी आ सकती है, यानी धनतेरस 2027 तक इसमें कम से कम 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है।

1 साल में सोने में मिल सकता है 30-40 प्रतिशत तक रिटर्न 

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के सचिव सुरेंद्र मेहता ने कहा कि सोने की कीमतों में शॉर्ट टर्म उतार-चढ़ाव का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है लेकिन लंबी अवधि में यानी एक साल के भीतर इसकी कीमतें 30-40 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं।


ऑगमॉन्ट की चीफ रिसर्च ऑफिसर रेनीशा चैनानी का अनुमान है कि दिवाली 2027 तक MCX पर सोने की कीमत बढ़कर लगभग 1,75,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है। यह मौजूदा कीमत (1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) से 20 प्रतिशत अधिक है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगभग 4,950 डॉलर के बराबर है।

चैनानी ने आगे कहा कि इन टारगेट्स का मतलब है कि यह अनुपात घटकर लगभग 67 पर आ जाएगा। भारत में,94.5 के आसपास रुपया और 15% आयात शुल्क (import duty) घरेलू कीमतों को मजबूत बनाए रखेंगे।

सोने में तेजी लाने वाले फैक्टर

उनका मानना ​​है कि कुछ ऐसे फैक्टर हैं जिनके चलते सोने में सुधार और लंबी अवधि की तेजी का दौर जारी रहेगा। इनसे से पहला यह है कि ऑफिसियल खरीदारी जारी है। केंद्रीय बैंकों ने तीसरी तिमाही में 321 टन सोना खरीदा जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 42 प्रतिशत अधिक है। वहीं, गोल्ड ETF होल्डिंग्स 4,256 टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। दूसरा,अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद तेल की कीमतों में कमी आने से महंगाई कम हो सकती है। इससे यूएस फेड 2027 में ब्याज दरें बढ़ाने के बजाय उन्हें घटाने की दिशा में कदम उठा सकता है। इससे यील्ड (बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न) और डॉलर की कीमत में गिरावट आएगी।

तीसरा,चांदी की सप्लाई में कमी बनी हुई है और बाजार लगातार छठे साल घाटे की स्थिति की ओर बढ़ रहा है। चौथा,78 का गोल्ड-सिल्वर रेशियो यह संकेत देता है कि चांदी में अभी आगे बढ़ने की गुंजाइश है। जोखिम कायम हैं। अमेरिका में महंगाई का बने रहना,फेड द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी या रुपये का मजबूत होना इस तेजी को धीमा कर सकता है और चांदी की कीमतों में किसी भी दिशा में बड़ा उतार-चढ़ाव आ सकता है।

जिन लोगों ने धनतेरस 2016 में निवेश किया और 5 नवंबर 2026 तक अपना निवेश बनाए रखा उन्हें 18.30 प्रतिशत का सालाना रिटर्न मिला होगा,क्योंकि इस दशक में सोने की कीमतों में 377 प्रतिशत से अधिक की बढ़त हुई है।

धनतेरस पर सोना खरीदने से पिछले 10 सालों में कितना हुआ वेल्थ क्रिएशन?

अगर किसी ने 2016 के धनतेरस पर दिल्ली में लगभग 30,590 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव से सोना खरीदा होगा,उसका निवेश आज लगभग 4.77 गुना बढ़कर करीब 1,45,915 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया होगा। इसी तरह, 2016 के धनतेरस पर सोने में किया गया 1 लाख रुपये का निवेश 3 नवंबर 2026 तक लगभग 4.77 गुना बढ़कर करीब 4.77 लाख रुपये हो गया होगा।

यहां नीचे बताया गया है कि पिछले एक दशक में सोने की चाल कैसी रही है। यह जानकारी धनतेरस से एक दिन पहले यानी 5 नवंबर, 2026 तक की है। इस साल धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर को पड़ रहा है।

पिछले एक दशक में धनतेरस के दौरान सोने की कीमतों के आंकड़े बताते हैं कि MCX पर सोने के दाम, 2016 की धनतेरस पर 29,989 रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 5 नवंबर, 2026 को 1,43,184 रुपये हो गए हैं, जो कि लगभग 365 प्रतिशत की बढ़त है। इसका मतलब है कि इस एक दशक में सोने की कीमतों में लगभग 4.77 गुना का उछाल आया है।

बीच-बीच में आई गिरावटों (जिसमें 2021 में 5.6 प्रतिशत की कमी भी शामिल है) के बावजूद, सोने ने पिछले कुछ वर्षों में पॉजिटिव रिटर्न दिया है। 2024 और 2025 में सोने की कीमतों में 30.6 प्रतिशत और 61.5 प्रतिशत का उछाल आया। MCX पर सोने की कीमतों ने 16.90 प्रतिशत का सालाना रिटर्न दिया है,जो इस अवधि के दौरान 18.30 प्रतिशत के सालाना रिटर्न के बराबर है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार की तुलना में भारत में मिला ज्यादा तगड़ा रिटर्न

इसकी तुलना में COMEX पर सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में 221.1 प्रतिशत की बढ़त हुई है। COMEX पर 12.3 प्रतिशत का CAGR और 14 प्रतिशत का एनुअल रिटर्न मिला। रेनीशा चैनानी की सोने में 15–20 प्रतिशत का कोर एलोकेशन बनाए रखने की सलाह है। साथ ही उनका यह भी कहना है कि कीमतों में उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए एकमुश्त निवेश के बजाय किस्तों में खरीदारी या SIP के जरिए निवेश करना बेहतर रहेगा।

जाने सोने में क्या हो निवेश रणनीति

चैनानी ने कहा,"परंपरा को बनाए रखें, लेकिन इस्तेमाल करने और निवेश करने के लिए होने वाली खरीद को अलग-अलग रखें। निजी इस्तेमाल और उपहार देने के लिए हॉलमार्क वाले आभूषण खरीदें और निवेश के लिए अपना पैसा गोल्ड ETF या गोल्ड म्यूचुअल फंड में लगाएं।"

 

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