Gold price : शुक्रवार को कीमती धातुओं में भारी गिरावट के बाद सोने की कीमतों में स्थिरता आई। ट्रेडरों की नजर ग्लोबल ट्रेड से जुड़ी नवीनतम घटनाओं के साथ-साथ अमेरिकी बैंकों के लोन घोटालों से जुड़ी खबरों पर लगी हुई हैं। उतार-चढ़ाव भरे हफ़्ते के अंत में,सोना मई के बाद से अपनी सबसे बड़ी दैनिक गिरावट के साथ 1.7 फीसदी की कमजोरी के साथ बंद हुआ। लंदन के भंडार में कमी के कारण पिछले सत्र में 4.3 फीसदी की गिरावट के बाद, सोमवार को चांदी में भी कोई खास बदलाव नहीं आया। तकनीकी इंडीकेटरों से संकेत मिलता है कि अगस्त में शुरू हुई और पिछले हफ़्ते नए रिकॉर्ड बनाने वाली सोने-चांदी की ज़बरदस्त तेज़ी अब थम सकती है और इनमें कुछ नरमी आ सकती है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ़्ते के अंत में उम्मीद जताई थी कि बीजिंग के साथ बातचीत में व्यापार संकट को कम करने के लिए कोई समझौता हो सकता है। इसके चलते ट्रेडरों का फोकस अब अमेरिका और चीन के बीच होने वाली आगामी बैठकों पर है। इस मुद्दे पर किसी सकारात्मक प्रगति के ठोस संकेत मिलने से सोने और चांदी जैसे सुरक्षित संपत्तियों की मांग में कमी आ सकती है।
फिर भी, अमेरिकी बैंकों ज़ायन्स बैंकोर्प और वेस्टर्न अलायंस बैंकोर्प के लेन घोटालों ने ट्रेडरों के कान खड़े कर दिए हैं। इससे सोने-चांदी की सेफ हेवन अपील बढ़ सकती है।
इस साल कीमती धातुओं में जोरादार तेज़ी रही है। पिछले हफ़्ते सोने में लगातार नौवें हफ़्ते बढ़त देखने को मिली। 2025 में अब तक सोने की कीमतें 60 फीसदी से ज़्यादा बढ़ चुकी हैं। केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और एक्सचेंज-ट्रेडेड फ़ंड में निवेश बढ़ने से सोने को सपोर्ट मिला है। भू-राजनीतिक और व्यापारिक तनावों,बढ़ते राजकोषीय और कर्ज़ के स्तर और फ़ेडरल रिज़र्व की स्वतंत्रता पर ख़तरे के मद्देनज़र,सुरक्षित निवेश के लिए बढ़ती मांग का भी सोने की कीमतों की बढ़त में अच्छा योगदान रहा है। इस बीच,चांदी की कीमतों में और भी ज्यादा तेज़ी आई है। इस साल इसमें लगभग 80 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
सिंगापुर में सुबह 8:01 बजे हाजिर सोना 0.3 फीसदी गिरकर 4,238.96 डॉलर प्रति औंस पर दिख रहा था। ब्लूमबर्ग डॉलर हाजिर सूचकांक 0.1 फीसदी बढ़ा था। चांदी सपाट नजर आ रही थी,जबकि प्लैटिनम और पैलेडियम में गिरावट आई थी।
कमोडिटी में आज कहां हो सकती है कमाई
कमोडिटी में कमाई वाले कॉल के लिए आज हमारे साथ हैं कुंवरजी ग्रुप के रवि दियोरा। इनको आज नैचुरल गैस और जिंक में कमाई के मौके दिख रहे हैं। इनकी राय है कि नैचुरल गैस अक्तूबर वायदा में 264.0 रुपए के आसपास, 260 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 278 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी करें।
वहीं, जिंक अक्तूबर वायदा में 289 रुपए के आसपास, 286 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 294 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी करने की सलाह है।
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