Gold silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 30 सितंबर को गोल्ड में तेजी लौट आई। यह 700 रुपये चढ़कर 1,49,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड में मजबूती का असर इसकी घरेलू कीमतों पर पड़ा। साथ ही कम प्राइस पर खरीदारी में इनवेस्टर्स ने दिलचस्पी दिखाई। 29 सितंबर को गोल्ड गिरकर 2 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया था।
चांदी की कीमतें लगातार दूसरे स्थिर रहीं
दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं हुआ। चांदी 2.32 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर रही। यह लगातार दूसरा दिन है, जब चांदी की कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ। ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म लेमन के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि हाल में सोने में आई गिरावट के बाद इसकी कीमतें 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे चली गई थी। इस कीमत पर इनवेस्टर्स की खरीदारी देखने को मिली।
सितंबर में सोना करीब 5 फीसदी गिरा है
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड में हल्की तेजी देखने को मिली। हालांकि, यह अभी भी 4,200 डॉलर प्रति औंस के नीचे है। सिल्वर 1.28 फीसदी गिरकर 60.68 डॉलर प्रति औंस था। सितंबर गोल्ड के लिए अच्छा नहीं रहा। इस महीने सोना करीब 5 फीसदी गिरा है। हालांकि, 30 सितंबर को क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट दिखी। इसकी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ऑयल टैंकर्स की आवाजाही की शुरुआत है।
क्रूड में नरमी के बावजूद सोने पर दबाव
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुल जाने से क्रूड ऑयल की सप्लाई बढ़ेगी। इससे क्रूड ऑयल की कीमतों पर दबाव घटेगा। 30 सितंबर को ब्रेंट क्रूड गिरकर 98 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह बीते कई हफ्तों से लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ था। महंगे क्रूड की वजह से महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ा था। इससे अमेरिकी में अक्तूबर में एक बार फिर इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद बढ़ गई थी। हालांकि, क्रूड में नरमी के बाद फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ाएगा या नहीं, यह बताना अभी मुश्किल है।
इस साल सोने और चांदी की कीमतों पर दिखा है दबाव
बुलियन की कीमतें इस साल की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी। उसके बाद उनमें तेज गिरावट आई। फरवरी के आखिर में अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद बुलियन पर दबाव बढ़ गया। पिछले करीब 6 महीनों से सोने और चांदी की कीमतें सीमित दायरे में चढ़ती-उतरती रही हैं।