सोने (Gold) में लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर गोल्ड का भाव 5 मार्च को 0.35 फीसदी की हल्की मजबूती के साथ 64,696 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। 4 मार्च को भी सोने में तेजी देखने को मिली थी। गोल्ड की अंतरराष्ट्रीय कीमतें भी दो महीने के हाई पर पहुंच गई थी। एमसीएक्स पर 4 मार्च को सोना 64,575 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था, जो इसका अब तक का सबसे हाई लेवल है। इस हफ्ते अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल अमेरिकी कांग्रेस में बयान देंगे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा।
फेडरल रिजर्व के रुख का असर गोल्ड पर पड़ेगा
सोने में तेजी की वजह अमेरिका में जॉब डेटा और नॉन-फार्म पेरोल डेटा को बताया जा रहा है। बुधवार को पॉवेल अमेरिकी संसद में मौद्रिक नीति के रुख को लेकर संकेत देंगे। माना जा रहा है कि अमेरिकी इकोनॉमी की सेहत में सुधार को देखते हुए पॉवेल उम्मीद से पहले इंटरेस्ट रेट में कमी का संकेत दे सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इनफ्लेशन काबू में रहता है तो सोने की कीमतों में मजबूती जारी रह सकती है। Saxo Bank में कमोडिटी स्ट्रेटेजी के हेड ओले हैनसेन ने कहा कि दुनिया में जियोपॉलिटिकल टेंशन में कमी आई है। इससे सभी एसेट्स में शॉर्ट-सेलिंग घटा है।
निवेश के लिए करेक्शन का करें इंतजार
एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड में निवेश के लिए इसकी कीमतों में गिरावट का इंतजार करना चाहिए। जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ने पर गोल्ड की चमक बढ़ जाती है। इसकी वजह यह है कि गोल्ड को निवेश का सबसे सुरक्षित जरिया माना जाता है। चूंकि, अभी जियोपॉलिटकल टेंशन बढ़ने के आसार नहीं दिख रहे हैं, जिससे गोल्ड की कीमतों में ज्यादा तेजी की उम्मीद नहीं दिख रही।
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