गोल्ड में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। शुरुआती गिरावट के बाद अब इसमें रिकवरी देखने को मिली है। मिडिल ईस्ट में तनाव और दुनिया भर के शेयर बाजारों में बिकवाली से गोल्ड में रिकवरी हो रही है। स्पॉट मार्केट में गोल्ड पिछले हफ्ते रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया था। इसके बाद 5 अगस्त को यह शुरुआती कारोबार में 1 पर्सेंट से भी ज्यादा लुढ़क गया और फिर रिकवरी के बाद 2,440 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया।
मिडिल ईस्ट में इस बात को लेकर चिंता जताई जा रही है कि इजरायल और ईरान के बीच तनावपूर्ण हालात की वजह से दोनों देशों के बीच सीधी जंग तक की नौबत आ सकती है। हिजबुल्ला और हमास के लड़ाकों की हत्या के बाद इजराइल को बदले की कार्रवाई के तहत ईरान और उसके सैन्यकर्मियों की तरफ से हमले की आशंका सता रही है। गोल्ड इस साल सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली कमोडिटी में शामिल है। केंद्रीय बैंक द्वारा खरीदारी, हाल के महीनों में एशियाई कंज्यूमर्स की दिलचस्ली और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में जल्द कटौती की संभावना को देखते हुए गोल्ड की कीमतों में तेजी दिख रही है।
आम तौर पर वित्तीय और भू-राजनीतिक संकट के दौरान सुरक्षित निवेश के तौर पर गोल्ड की मांग बढ़ जाती है और इसका फायदा इस कमोडिटी को मिलता है। सिंगापुर में तात्कालिक डिलीवरी के लिए बुलियन दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर 2,440.70 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर था। इसी तरह, 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड में लगातार 8वें सेशन में गिरावट रही और ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स नीचे पहुंच गया।
पिछले हफ्ते गोल्ड में 2 पर्सेंट से भी ज्यादा की बढ़ोतरी रही और यह 2,477 डॉलर पर पहुंच गया। बाकी धातुओं की बात करें, तो चांदी में पहले तकरीबन 2 पर्सेंट की गिरावट रही और बाद में फिर नुकसान की भरपाई हुई। इसके अलावा, पैलेडियम औ प्लैटिनम में भी गिरावट रही।