Palm Oil Price: भारत के लिए फिर US के सुर बदले। व्हाइट हाउस के ट्रेड सलाहकार पीटर नवारो ने कहा कि भारत को रूसी तेल की जरूरत नहीं है। 27 अगस्त से 25% अतिरिक्त टैरिफ संभव है। यूक्रेन शांति का रास्ता भारत से होकर जाता है। पाम ऑयल की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में पाम ऑयल की कीमतें 0.46% गिरी है जबकि 1 महीने में 4 फीसदी चढ़ा। वहीं जनवरी में इस साल अबह तक पाम ऑयल 1 फीसदी चढ़ा। वहीं 1 साल में इसमे 16 फीसदी की तेजी देखने को मिली।
ट्रंप की पॉलिसी में बदलाव की योजना है। पेट्रोल, डीजल में ज्यादा ब्लेंडिंग का लक्ष्य रखा है। अगले साल से ज्यादा ब्लेंडिंग का लक्ष्य तय किया है। जबकि ट्रंप का उद्देश्य इंपोर्ट को कम करना भी है। 2025 से 8% ज्यादा ब्लेंडिंग का लक्ष्य है।
SD गुथरी इंटरनेशनल के सीईओ संदीप भान ने कहा कि पाम ऑयल के फ्यूचर्स में रजिस्टेंस देखने को मिल रही है। फिजिकल डिमांड उसको रैली नहीं कर रही थी। सितंबर तक पाम ऑयल के भाव 4400-4600 रिंग्गित के बीच बने रह सकते हैं। हालांकि अक्टूबर के बाद पाम ऑयल 4800 रिंग्गित के भी पार निकल सकता है।
संदीप भान ने आगे कहा कि अमेरिका बायोफ्यूल पॉलिसी में बदलाव कर रहा है। लेटिन अमेरिका में सोयाबीन का प्रोडक्शन अच्छा हुआ है। हाल ही में भारत ने लैटिन अमेरिका से भी पाम ऑयल खरीदा है। कुछ हफ्तों में अमेरिका अपनी पॉलिसी लेकर आएगा। अमेरिका की बायो फ्यूल पॉलिसी तय करेगी कि पाम के दाम कहां होंगे।