13 अगस्त 2025 को देश के कई शहरों खासकर दिल्ली-एनसीआर में सब्जियों की कीमतों में तेजी से उछाल देखने को मिला। लगातार हो रही तेज बारिश कई इलाकों में फसल खराब होने और सप्लाई चेन बाधित होने के कारण बाजार में सब्जियों के भाव आसमान छूने लगे हैं। ट्रांसपोर्टेशन खर्च बढ़ने और दूर-दराज से सीमित मात्रा में माल आने से आम घरों का किचन बजट बढ़ गया है।
दिल्ली और प्रमुख मंडियों में टमाटर का थोक भाव ₹73 से ₹100 प्रति किलो तक पहुंच गया है। खुदरा बाजारों में तो दाम कई जगह ₹100 किलो पर टिके हैं। कुछ हफ्ते पहले तक 40–50 रुपये में मिलने वाला टमाटर अब दोगुनी कीमत पर बिक रहा है। सप्लाई मुख्य रूप से बेंगलुरु और शिमला से आ रही है लेकिन मात्रा सीमित है।
प्याज का थोक भाव आजादपुर मंडी में ₹15–₹22 प्रति किलो है जबकि खुदरा बाजार में यह ₹30–₹40 किलो मिल रहा है। दामों पर लगाम लगाने के लिए सरकार सितंबर से प्याज का बफर स्टॉक बाजार में छोड़ने की योजना बना रही है जिससे उम्मीद है कि कीमतों में कुछ स्थिरता आएगी।
आलू और अन्य सब्जियों के भाव
आलू की कीमत ₹30–₹40 किलो तक पहुंच गई है, जो पिछले हफ्ते की तुलना में अधिक है।
अन्य सब्जियों के दाम भी तेजी से बढ़े हैं:
ब्रॉकली – ₹320 प्रति किलो
शिमला मिर्च – ₹120 प्रति किलो
फूलगोभी – ₹100 प्रति किलो
भिंडी, तोरी – ₹80–₹100 प्रति किलो
हरी सब्जियों में ₹60 से कम कीमत पर कोई विकल्प मौजूद नहीं है।
भारी बारिश से फसलें खराब होना और खेतों में पानी भरना।
हिमाचल और अन्य पहाड़ी इलाकों से माल की आवक घट जाना।
ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक लागत का बढ़ना।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अगर बारिश और मौसम की चुनौतियां जारी रहीं तो सब्जियों के दाम और बढ़ने की संभावना है। प्याज के बफर स्टॉक जैसे सरकारी उपायों से कुछ राहत की उम्मीद है लेकिन कुल मिलाकर सितंबर तक ही हालात धीरे-धीरे सामान्य होने की संभावना जताई जा रही है।