एक तरफ कच्चा तेल जहां जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच उफान मार रहा है। वहीं सोने-चादी की चमक फीकी पड़ गई है। सोने-चांदी की कीमतों में घरेलू बाजार में दबाव देखने को मिल रही है। एमसीएक्स पर सोना दिसंबर वायदा 76000 रुपये प्रति 10 ग्राम के नीचे फिसला है। जबकि चांदी 4 दिनों के निचले स्तरों पर पहुंचा है। चांदी दिसंबर वायदा 91600 के नीचे फिसला है। इस बीच COMEX पर सोना 2662 डॉलर के नीचे फिसला है। COMEX पर चांदी $32 के नीचे फिसली है।
इस बीच खबर है कि चांदी का इंपोर्ट बढ़ा है। भारत ने UAE के सामने CEPA का मुद्दा उठाया है।कंप्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट ( CEPA) के जरिए चांदी के इंपोर्ट का मुद्दा उठाया है। CEPA के तहत भारत में चांदी का इंपोर्ट बढ़ा है। अगले हफ्ते UAE में दोनों देशों के प्रतिनिधि मिलेगें।
UAE से चांदी का इंपोर्ट के आंकड़ो पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2023 में UAE से चांदी का इंपोर्ट 29 मिलियन डॉलर रहा था जबकि वित्त वर्ष 2024 में 1.74 बिलियन डॉलर रहा है।
चांदी की ग्लोबल मांग काफी तेजी से बढ़ रही
IBJA सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने कहा कि CEPA के बनने के समय चांदी पर ड्यूटी 1 फीसदी सालाना घटाने की बात कही गई थी। अगले 7-8 साल में ड्यूटी खत्म करने की बात हुई थी। उन्होंने कहा कि रूल्स ऑफ ओरिजिन का कोई मुद्दा नहीं है। CEPA के तहत चांदी का इंपोर्ट बढ़ा है। सुरेंद्र मेहता ने आगे कहा कि चांदी की ग्लोबल मांग काफी तेजी से बढ़ रही है।
वहीं सोने पर अपनी राय देते हुए सरेंद्र मेहता ने कहा कि सोने पर सर्तक रहने की जरुरत है। सोने पर 2690 डॉलर के पास एक रजिस्टेंस बना हुआ है।