Tea Price Hike: इंटरनेशल मार्केट में कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। डेढ़ साल के निचले स्तरों से रिकवरी आई है। सितंबर में 118 रुपये प्रति किलो तक दाम गिरे थे। वहीं चाय के भाव 200 रुपये प्रति किलो के पार निकले है। अगस्त 2020 में चाय के दाम 262 के पार निकले थे।
चाय की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में चाय की कीमतों में 2 फीसदी का उछाल देखने को मिला है जबकि 1 महीने में इसमें 70 फीसदी की तेजी आई। वहीं जनवरी 2025 से अब तक इसमें 19 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। जबकि 1 साल में इसमें 11 फीसदी की गिरावट आई।
बता दें कि हाल ही में चाय बोर्ड (Tea Board) द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2025 में चाय का कुल उत्पादन 5.9 प्रतिशत घटकर 159.92 मिलियन किलो रह गया, जो कि पिछले साल इसी अवधि के 169.93 मिलियन किलो के उत्पादन से काफी कम है।
खराब मौसम के कारण उत्पादन में गिरावट आई। पश्चिम बंगाल में उत्पादन में भारी कमी आई । पश्चिम बंगाल में सितंबर 2025 के दौरान चाय का उत्पादन 17% गिरकर 40.03 मिलियन किलोग्राम रहा। जबकि तमिलनाडु में चाय का उत्पादन 5% गिरा ।
हालांकि असम, जो भारत का सबसे बड़ा चाय उत्पादक राज्य है, वहां थोड़ी राहत जरूर दिखी। राज्य में उत्पादन 94.7 मिलियन किलोग्राम रहा, जो पिछले साल से थोड़ा अधिक है।
सितंबर में सीटीसी (CTC) चाय का उत्पादन उत्तर भारत में 123 मिलियन किलोग्राम और दक्षिण भारत में 17 मिलियन किलोग्राम दर्ज किया गया। वहीं, ऑर्थोडॉक्स चाय का उत्पादन उत्तर भारत में 13.9 मिलियन किलोग्राम और दक्षिण भारत में 3.4 मिलियन किलोग्राम रहा।