क्या आप जानते हैं कि ऊंटनी के दूध की कीमत सोने चांदी से भी ज्यादा होती है। नाइजीरिया, सोमालिया, इथोपिया, केन्या और अरब देशों में ऊंटनी का दूध एक अहम कमोडिटी माना जाता है। इसकी गुणवत्ता इतनी ज्यादा है कि इसे सफेद सोना भी कहा जाता है। नाइजीरिया, सोमालिया, इथोपिया, केन्या और अरब देशों में ऊंटनी के दूध की कीमत लोकल मार्केट में काफी ज्यादा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सोने और चांदी से क्यों ऊंट के दूध की तुलना की जाती है।
सबसे पहली बात है कि रेगिस्तान में खेती करना या दुधारू पशुओं का पालना काफी मुश्किल हो जाता है। दूसरी तरफ ऊंटनी इकलौती ऐसी जानवर है जो रेगिस्तान में ना सिर्फ ट्रांसपोर्ट में मदद करती हैं बल्कि दूध भी देती है। और इस दूध की वैल्यू इतनी ज्यादा है कि लोग इसे हाथोहाथ खरीदते हैं। ऊंटनी के दूध में सामान्य दूध से ज्यादा पौष्टिकता, औषधीय गुण और एनर्जी देने की क्षमता होती है। इतना ही नहीं, ऊंटनी के दूध में प्रोटीन, विटामिन-C और मिनरल्स भी गाय या भैंस के दूध से ज्यादा होती है।
क्या है ऊंटनी के दूध की कीमत?
दरअसल, ऊंटनी का दूध भी कुछ खास क्षेत्रों में दुर्लभ और महंगा होता जा रहा है। भारत में ऊंटनी के दूध की कीमत 50-60 रुपये प्रति लीटर है, जबकि वैश्विक बाजार में यह ₹500-₹1200 प्रति लीटर तक पहुंच जाता है। ऊंटनी के दूध का उत्पादन लिमिटेड है और खासतौर पर रेगिस्तानी इलाकों में इसकी उपलब्धता कम होने के कारण इसे गोल्ड से कंपेयर करते हैं।
क्यों हेल्दी माना जाता है ऊंटनी का दूध
ऊंटनी का दूध उच्च पोषण वाला, लो-फैट, कम लैक्टोज वाला होता है। यह खासकर डायबिटीज़ और एलर्जी वाले लोगों के लिए अत्यंत फायदेमंद होता है इसलि इसे सुपरफूड कहा जाता है। यही वजह है कि मार्केट में इसकी डिमांड तेजी से बढ़ी है। ऊंटनी के दूध की अहमियत मध्य पूर्व, अफ्रीका और भारत के कुछ रेगिस्तानी इलाकों में होता है, जहां इसे जीवन का स्रोत और औषधि माना जाता है। इसलिए स्थानीय स्तर पर इसकी कीमतें सोने के समान या इससे भी अधिक होती हैं।