फाइनेंशियल सेवा मुहैया कराने वाली कंपनी SREI ग्रुप के रिजॉल्यूशन के लिए यूको बैंक की अगुआई वाले लेंडर्स के एक कंसोर्सियम ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से संपर्क किया है। बैंक चाहते हैं कि डीएचएफएल मामले की तरह SREI ग्रुप का रिजॉल्यूशन हो। इस मामले से वाकिफ कई सूत्रों ने हमारे सहयोगी चैनल CNBC-TV18 को यह जानकारी दी है।
SREI ग्रुप के सबसे बड़े लेंडर्स में एक ने कहा, "दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) के रिजॉल्यूशन के बाद हमें उम्मीद जगी है। अगर एक इतनी बड़ी और जटिल फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी का NCLT के तहत रिजॉल्यूशन हो सकता है, तो फिर SREI ग्रुप का क्यों नहीं?"
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SREI के तीन अहम लेंडर्स ने बताया कि वे चाहते हैं कि नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) के तहत RBI की अगुआई में इस कंपनी का रिजॉल्यूशन किया जाएगा।
एक बैंकर ने बताया, "RBI ने खुद कंपनी के खातों की जांच की थी। हमें पता है कि संभावित फ्रॉड का मामला निकल सकता है। ऐसे में सबसे अच्छा विकल्प यही होगा कि RBI इस मामले में एक एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त कर दे और फिर रिजॉल्यूशन के लिए NCLT के पास जाए। "
एक दूसरे बैंकर ने कहा, "हमने इस बारे में RBI को लिखा है। देखते हैं कि रेगुलेटर क्या फैसले लेता है।" एक रिपोर्ट के अनुसार SREI ग्रुप पर बैंकों का करीब 36,000 करोड़ रुपये बकाया है। इनमें यूको बैंक के अलावा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, पीएनबी, एक्सिस बैंक, केनरा बैंक और कुछ अन्य बैंक और लेंडर्स शामिल हैं।