नोएडा में ओखला पंछी विहार के आसपास फ्लैट खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने इकोसेंसटिव जोन पर ड्राफ्ट रिपोर्ट मंजूर कर ली है। सरकार एक हफ्ते में ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर सकती है।
नोएडा में ओखला पंछी विहार के आसपास फ्लैट खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने इकोसेंसटिव जोन पर ड्राफ्ट रिपोर्ट मंजूर कर ली है। सरकार एक हफ्ते में ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर सकती है।
गौरतलब है कि नोएडा में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की वजह से कई प्रोजेक्ट लटके हुए है। माना जा रहा है कि करीब 50,000 घर अटके हुए हैं। इसमें जेपी ग्रुप के 20,000 घर फंसे हुए हैं। डीएलएफ का सबसे बड़ा मॉल-मॉल ऑफ इंडिया, एटीएस ग्रुप का वन हैम्लेट, सुपरटेक, आम्रपाली ग्रुप के भी प्रोजेक्ट फंसे हुए हैं। माना जा रहा है कि सरकार के इस नए फैसले से इन सब बिल्डर्स के रुके हुए प्रोजेक्ट चालू हो पाएंगे और उनको राहत मिल पाएगी।
इस खबर के बाद डीएलएफ के ईडी राजीव तलवार ने सीएनबीसी-आवाज़ के साथ बातचीत करते हुए कहा कि नोएडा मॉल 1 साल से पूरी तरह से तैयार है। तैयार होने के बाद भी नोएडा मॉल के नहीं खुलने से कंपनी को नुकसान उठाना पड़ा है। राजीव तलवार ने बताया कि इस मॉल के लिए अक्यूपैशन सर्टिफिकेट का इंतजार था।
राजीव तलवार के मुताबिक इस मॉल से वार्षिक तौर पर 200 करोड़ रुपये किराया मिलेगा। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि दीवाली या नए साल में नोएडा मॉल शुरू हो जाएगा। राजीव तलवार के मुताबिक ने आगे कहा कि वित्त वर्ष 2016 की तीसरी या चौथी तिमाही से नोएडा मॉल से आय मिलनी शुरू हो जाएगी।
राजीव तलवार ने बताया कि रेगुलेटरी मुद्दों के कारण कंपनी का कोई दूसरा प्रोजेक्ट नहीं अटका है। कंपनी का फोकस अपनी वर्तमान परियोजनाओं पर ही रहेगा। उन्होंने बताया कि डीएलएफ पर 21000 करोड़ रुपये का कर्ज है और पूरी उम्मीद है कि कंपनी अपने कर्ज के बोझ को कम कर लेगी।
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