नेस्ले ने पास्ता में गड़बड़ी पाए जाने के मामले में उत्तर प्रदेश की लैब पर ही सवाल उठा दिए हैं। कंपनी ने कहा है कि जिस लैब ने पास्ता में ज्यादा लेड की रिपोर्ट दी है, वो एनएबीएल की ओर से प्रमाणित नहीं है। साथ ही ये लैब एफएसएसएआई की ओर से सत्यापित भी नहीं है।
इसके पहले यूपी के मऊ फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन की रिपोर्ट के मुताबिक नेस्ले के पास्ता में भी लेड की मात्रा तय सीमा से ज्यादा मिली है। लेड की तय मात्रा 2.5 पीपीएम है, जो कि नेस्ले के इस पास्ता में 6 पीपीएम पाई गई है। नेस्ले इंडिया को लेटर लिखकर इस मामले की जानकारी दी गई है और कंपनी से एक महिने में जवाब मांगा है।