रिलायंस कैपिटल के शेयरधारकों ने कमर्शियल फाइनेंशियल कारोबार को  अलग सब्सिडियरी बनाने की मंजूरी दे दी है। मिली जानकारी के मुताबिक कंपनी आगे चल कर बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकती है। कंपनी की योजना के मुताबिक कमर्शियल फाइनेंस कारोबार को रिलायंस गिल्ट में मर्ज किया जाएगा जो फिलहाल कंपनी की सब्सिडयरी कंपनी है। बाद में रिलायंस गिल्ट का नाम बदलकर रिलायंस कॉमर्शिल फाइंनेंस रखने की योजना है। फिलहाल कंपनी के पास करीब 16,500 करोड़ का लोन पोर्टफोलियो हैं।